Cricket: क्रिकेट का खेल अनिश्चितताओं से भरा हुआ है। कभी बल्लेबाज रनों की बरसात कर देते हैं तो कभी गेंदबाज विरोधी टीम को बहुत कम स्कोर पर समेट देते हैं। लेकिन जब कोई टीम शर्मनाक तरीके से धराशायी होती है, तो वह घटना लंबे समय तक याद रखी जाती है। ऐसी ही एक ऐतिहासिक घटना के बारे में आज हम आपको बताने जा रहा है, जहां एक मैच के दौरान 7 बल्लेबाज बिना खाता खोले आउट हो गए। आइये आपको इस मामले की विस्तार से जानकारी देते हैं।
22 रन पर सिमटी पारी
दरअसल, यह घटना अंडर-19 वर्ल्ड कप 2004 में देखने को मिली, जब स्कॉटलैंड की टीम मात्र 22 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के सामने ढेर हो गई। टॉस के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरी स्कॉटलैंड बुरी तरह धराशायी हो गयी। क्रिकेट (Cricket) इतिहास में ऐसे नजारे कम ही देखने को मिलते हैं जब पूरी टीम तीस रन तक भी न पहुंच पाए। स्कॉटलैंड के बल्लेबाज शुरुआत से ही लड़खड़ा गए और टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।
इस मैच की सबसे बड़ी और शर्मनाक बात यह रही कि टीम के सात बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए। ओपनर से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कोई भी जिम्मेदारी नहीं निभा सका। टीम का सबसे बड़ा स्कोर सिर्फ 5 रन रहा। यानी कोई भी बल्लेबाज डबल डिजिट तक नहीं पहुंच पाया। यह आंकड़ा बताता है कि बल्लेबाज किस हद तक ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों के सामने बेबस नज़र आए।
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ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का कहर
ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों ने इस मैच में ऐसा दबदबा बनाया कि स्कॉटलैंड के खिलाड़ी क्रीज पर टिक ही नहीं सके। लगातार गिरते विकेट ने पूरी टीम की लय बिगाड़ दी। गेंदबाजों ने इतनी सटीक गेंदबाजी की कि रन बनाना तो दूर, बल्लेबाजों के लिए गेंद पर बल्ला लगाना भी मुश्किल हो गया। यही वजह रही कि पारी केवल 22 रन पर सिमटकर रह गई।
Cricket जगत में बनी हंसी का पात्र
इस मैच के बाद स्कॉटलैंड क्रिकेट की जमकर आलोचना हुई। फैंस और एक्सपर्ट्स ने इसे वर्ल्ड क्रिकेट (Cricket) की सबसे शर्मनाक पारियों में से एक करार दिया। अंडर-19 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में इस तरह का प्रदर्शन टीम की प्रतिष्ठा पर सवाल खड़े करता है। यह हार आज भी उस दौर की सबसे बेइज्ज़त करने वाली पारी के रूप में याद की जाती है, जिसे क्रिकेट प्रेमी आसानी से भुला नहीं पाएंगे।
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