चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद माना जा रहा है की टीम इंडिया में एक बहुत बड़े बदलाव की संभावना है. दरअसल जब से गौतम गंभीर को बतौर हेड कोच बीसीसीआई (BCCI) ने नियुक्त किया है, तब से लगातार देखा जा रहा है कि कई बदलाव नजर आ रहे हैं और अब बीसीसीआई गौतम गंभीर के सपोर्ट स्टाफ को कम करने पर काफी गंभीरता से विचार कर रही है. यही वजह है कि अगले कुछ दिनों में इस पर स्पष्ट रूप से मोहर लगा सकती है.
BCCI: टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ पर चलेगी कैंची
आपको बता दें कि टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ को गैर जरूरी रूप से बीसीसीआई (BCCI) बिल्कुल भी बड़ा नहीं रखना चाहती है. यही वजह है कि 29 मार्च को इसे लेकर अहम फैसला लिया जा सकता है. इस मुद्दे को लेकर गुवाहाटी में एक अहम बैठक होने वाली है, जिसमें बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर भी शामिल होंगे. इससे पहले जब गौतम गंभीर हेड कोच बने, तो भारतीय टीम के सहयोगी स्टाफ में बड़ा बदलाव देखने को मिला.
इस वजह से बीसीसीआई लेगी फैसला
अब सोचने वाली बात यह है कि आखिर बीसीसीआई (BCCI) अचानक सपोर्ट स्टाफ में इतनी ज्यादा कटौती करने के पीछे क्यों भाग रही है, तो इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि बीसीसीआई को ऐसा लग रहा है की टीम इंडिया का सहयोगी स्टाफ इस वक्त जरूरत से ज्यादा बड़ा हो गया है. मौजूदा समय में देखा जाए तो भारत के पास तीन थ्रो डाउन विशेषज्ञ, दो मसाज थेरेपिस्ट, एक सीनियर और एक जूनियर फिजियोथैरेपिस्ट, एक टीम डॉक्टर एक सिक्योरिटी और ऑपरेशंस मैनेजर एक कंप्यूटर एनालिस्ट और कई लॉजिस्टिक और मीडिया मैनेजर हैं, जो पिछले कई सालों से टीम का हिस्सा हैं.
पहली बार किया गया ये बदलाव
जब राहुल द्रविड़ का कोचिंग कार्यकाल समाप्त हुआ तब यह देखा गया कि पहली बार दो असिस्टेंट कोच और एक बॉलिंग कोच टीम से जोड़े गए. मौजूदा समय में टीम इंडिया में असिस्टेंट कोच के रूप में अभिषेक नायर और रयान टेन डोशेटे को जोड़ा गया जबकि बॉलिंग कोच के रूप में मोर्ने मोर्कल शामिल है. इंग्लैंड सीरीज के साथ टीम इंडिया का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का नया चक्र शुरू हो रहा है जिसे बीसीसीआई (BCCI) गंभीरता से लेना चाहती है.