भाई-बहन के रिश्ते में आई थी दरार, 13 सालों तक लता मंगेशकर ने दिलीप कुमार से नहीं की थी बात, जानिए वजह

मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता व ट्रेजेडी किंग के नाम से फेमस दिलीप कुमार को नहीं जानता है. दिलीप कुमार एक ऐसे अभिनेता था जो सभी फिल्मों में फिट हो जाते थे.दिलीप  कुमार ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘ज्वारभाटा’ से की थी. वहीं उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट फ़िल्में दी हैं.

भाई-बहन के रिश्ते में आई थी दरार, 13 सालों तक लता मंगेशकर ने दिलीप कुमार से नहीं की थी बात, जानिए वजह

जानकारी के मुताबिक दिलीप कुमार स्वर कोकिला लता मंगेशकर से एक खास रिश्ता था. दरअसल दिलीप कुमार लता मंगेशकर को अपनी छोटी बहन की तरह मानते थे. लता भी दिलीप कुमार को राखी बांधती थीं, लेकिन एक वक्त ऐसा आया की इनके रिश्ते में दरार आ गई और इनकी बातचीत बंद हो गई.

इन मुंहबोले भाई बहनों ने 13 सालों तक नहीं की एक-दूसरे से बात

लता मंगेशकर और दिलीप कुमार ने लगभग 13 साल तक एक-दूसरे से बात नहीं की और ये सिलसिला लगभग 1970 तक चला. खबरों के मुताबिक इन दोनों के बीच मतभेद तब शुरू हुआ जब सलील चौधरी ने फिल्म ‘मुसाफिर’ के गाने ‘लागी नाहीं छूटे’ को गाने के लिए दिलीप कुमार को चुना. हालांकि इस बात की खबर लता मंगेशकर को नहीं थी कि दिलीप कुमार उनके साथ गाना गाने वाले हैं.

भाई-बहन के रिश्ते में आई थी दरार, 13 सालों तक लता मंगेशकर ने दिलीप कुमार से नहीं की थी बात, जानिए वजह

13 सालों बाद मनमुटाव हुआ था खत्म, फिर से एक बार लता ने दिलीप कुमार को बांधी थी राखी

दिलीप कुमार को लेकर लता मंगेशकर हो गईं थी कनफ्यूज

बता दें जब स्वर कोकिला लता मंगेशकर को ये पता चला कि फिल्म में उनके साथ गाना दिलीप कुमार गाएंगे तो वह इस बात को लेकर सोच में पड़ गईं कि क्या दिलीप कुमार गाना गा पाएंगे. वैसे इस गाने को लागी छूटे ना को सलिल चौधरी ने कंपोज किया था. इसी के साथ दिलीप कुमार ने भी इस गाने के लिए सितार के साथ धुन मिलाकर गाने का पूरा रियाज कर लिया था.

भाई-बहन के रिश्ते में आई थी दरार, 13 सालों तक लता मंगेशकर ने दिलीप कुमार से नहीं की थी बात, जानिए वजह

लता मंगेशकर के साथ गाना गाने से घबराने लगे दिलीप कुमार

दिलीप कुमार ने इस गाने का रियाज तो खूब किया, लेकिन जब इस गाने को रिकॉर्ड करने की बारी आई तो वह काफी नर्वस हो गए. दरअसल दिलीप कुमार की ये घबराहट लता मंगेशकर को देखकर थी, क्योंकि वह एक बेहतरीन गायिका हैं. दिलीप कुमार की घबराहट को दूर करने के लिए सलिल चौधरी ने उन्हें ब्रांडी पिला दी थी.

इस वजह से लता मंगेशकर और दिलीप कुमार में हुई थी बातचीत

दिलीप कुमार और लता मंगेशकर के बीच इस वजह से आई थी दरार

जानकारी के मुताबिक ब्रांडी पीने के बाद दिलीप कुमार ने लता मंगेशकर के साथ गाना तो गाया, लेकिन रिकॉर्डिंग के दौरान उनकी आवाज लता मंगेशकर की आवाज के आगे काफी कमजोर लगी. वहीं लता ने रिकॉर्डिंग में अपना पूरा-पूरा योगदान दिया. इस रिकॉर्डिंग के बाद से ही दिलीप कुमार और लता मंगेशकर के बीच दूरियां आ गई. इन दोनों के बीच का ये मतभेद काफी लंबे समय तक चलता रहा. ऐसे में 1970 में जब इनके बीच मनमुटाव खत्म हुआ तो लता मंगेशकर ने एक बार फिर से दिलीप कुमार को राखी बांधी.

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इस बात को लेकर हुआ था मतभेद

दिलीप कुमार और लता मंगेशकर के बीच बातचीत तब बंद हुई जब दिलीप कुमार ने लता मंगेशकर को देखकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि मराठियों की उर्दू बिलकुल दाल-चावल की तरह होती है. ये बात लता मंगेशकर को कुछ ऐसी चुभी कि उन्होंने सिर्फ दिलीप कुमार से बोलचाल बंद की बल्कि उर्दू तक सीखने का फैसला उन्होंने ले लिया था.