Today Tomato Price : इस कारण सब्जियों में सबसे महंगा बिक रहा है टमाटर, जानिए क्या है आपके शहर में नई कीमत

TODAY TOMATO PRICE : वैसे तो हर साल सर्दियों के दिन में टमाटर का भाव कम होता है. लेकिन बीते कुछ दिनों में पूरे देश में टमाटर का भाव तेजी से बढ़ रहा है. तेजी से बढ़ रहे दामों के पीछे आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में आए बाढ़ से खराब हुए टमाटर के फसल को कारण बताया जा रहा है. आईए जानते हैं कि शहरों में क्या है टमाटर का भाव.

इस कारण बढ़ रहे हैं दाम

Today Tomato Price : इस कारण सब्जियों में सबसे महंगा बिक रहा है टमाटर, जानिए क्या है आपके शहर में नई कीमत

टमाटर की किमतों में आई बढ़ोत्तरी का मुख्य कारण बेवजह हुई बारिश और फिर साउथ में आए बाढ़ को बताया जा रहा है. इसके साथ ही इस साल लोकल स्तर पर भी टमाटर की उपज कम हुई है. सब्जी व्यापारियों का कहना है कि बिना मौसम वाली बारिश और बाढ़ से टमाटर की फसल को काफी नुकसान हुआ है. इससे मंडियों में टमाटर की आवक कम हुई है और मांग बढ़ी है. इसलिए टमाटर के भाव में बढ़त देखने को मिल रही है.

शहरों में टमाटर का भाव

Today Tomato Price : इस कारण सब्जियों में सबसे महंगा बिक रहा है टमाटर, जानिए क्या है आपके शहर में नई कीमत

टमाटर के भाव में लगभग हर जगह बढ़ोतरी देखने को मिली है. इसके साथ ही खुदरा मूल्यों के साथ कई शहरों में अलग-अलग दामों में टमाटर बिक रहा है. आइए जानते है कि अलग-अलग शहरों में टमाटर कितने रुपये किलो बिक रहा है. 160 रुपये किलो के साथ चेन्नई में इस समय सबसे ज्यादा महंगा बिक रहा है.

 

दिल्ली: 100 रुपये प्रति किलो
मुंबई: 110 रुपये प्रति किलो
प्रयागराज: 85 रुपये प्रति किलो
कोलकाता: 93 रुपये प्रति किलो
लखनऊ: 80 रुपये प्रति किलो
चेन्नई में 160 रुपये प्रति किलो

भारत में बड़े पैमाने पर होती है खेती

Today Tomato Price : इस कारण सब्जियों में सबसे महंगा बिक रहा है टमाटर, जानिए क्या है आपके शहर में नई कीमत

बता दें कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र शहर में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती की जाती है. लेकिन पिछले महीने यहां हुई लगातार बारिश के कारण टमाटर की फसल को भारी नुकसान हुआ था. वहीं, साउथ में आए बाढ़ के कारण वहां भी टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचा है और मंडियों में टमाटर की कमी आई है, जिससे टमाटर का भाव दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है. बता दें कि भारत हर साल करीब 7.89 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से लगभग 25.05 टन प्रति हेक्टेयर की औसत उपज के साथ लगभग 19.75 मिलियन टन का उत्पादन करता है.