उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह की मौत! बहन संभाल सकती हैं पद
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उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह की मौत! बहन संभाल सकती है पद

ऐसी खबरें आ रही है कि उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन की मौत हो गई है। ये बात भी पुख्ता मानी जा रही है कि किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग अब उत्तर कोरिया की शासक बनेंगी।

प्योंगयांग- ऐसी खबरें आ रही है कि उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन की मौत हो गई है। ये बात भी पुख्ता मानी जा रही है कि किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग अब उत्तर कोरिया की शासक बनेंगी। एक रिपोर्ट ने इन बातों का दावा किया है। साथ ही उसमें यह भी कहा कि नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग-उन कई दिनों से कोमा में थे। हालांकि, अभी तक पुष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है कि किम जोंग-उन की मौत हुई या वो कोमा में हैं। दुनिया भर के मीडिया संस्थानों में अलग-अलग तरह की खबरें चल रही हैं।

राजनैतिक मामलों के पूर्व सचिव चांग सॉन्ग मिन ने सोशल मीडिया पर किया दावा

दिवंगत नेता किम डे जंग के समय में राजनैतिक मामलों के सचिव का पदभार संभालने वाले चांग सॉन्ग मिन ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर दावा किया है कि उत्तर कोरिया का कोई भी नेता अपनी शक्ति और अधिकार किसी दूसरे नेता को तब तक नहीं सौंपेगा जबतक वो शासन के लिए बहुत बीमार ना हो उसे तख्तापलट के माध्यम से ना हटा दिया गया हो।

चांग सॉन्ग मिन ने आगे लिखा कि मेरा मानना है कि किम जोंग उन कोमा में है, लेकिन उनकी मौत नहीं हुई है। उत्तर कोरिया में एक पूर्ण उत्तराधिकार संगठन का निर्माण नहीं किया गया है, इसलिए किम यो जोंग को सामने लाया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि लंबे समय तक पद को खाली नहीं रखा जा सकता।

दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी ने अटकलों को किया खारिज

दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी ने देश के राजनीतिक नेताओं को बताया है कि उत्तर कोरियाई नेता ने अपने सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से कुछ को अधिकार और जिम्मेदारियां सौंपीं हैं। हालांकि कोरिया हेराल्ड ने कहा कि नेशनल इंटेलीजेंस एजेंसी के अनुसार, यह परिवर्तन किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से जुड़ा हुआ नहीं है।

पहले भी उड़ी थी मौत की अफवाह

आपको बता दें कि अभी हाल ही कुछ महीने पहले किम जोंग अचानक लगभग 20 दिन तक दुनिया की नजरों से गायब रहा। तब भी कई बार यही खबरे आईं कि तानाशाह की मौत हो गई है लेकिन एक फर्लीलाइजर कंपनी के उद्घाटन समारोह के लिए वह अचानक ही दुनिया के सामने आकर सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया। इसलिए जब तक उत्तर कोरिया की मीडिया की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया जाता तो यह कह पाना मुश्किल है कि इस बार किम की तबियत की बाते कितनी सच है या फिर कितनी झूठ।