Gold Price 11 October 2020: तेजी से गिर रहा सोने का दाम, जानिए 1 तोला सोने का भाव

अक्सर लोग यही सोचकर सोने चांदी के आभूषणों की खरीदारी करते है कि किसी बुरे समय में वे काम आ सकेंगे. पिछले सात आठ महीने में कोरोना महामारी के वजह से दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से डगमगा गई है. लाखों लोगों को की नौकरी चली गई और कितने लोगों का व्यवसाय ठप हो गया. कोरोना वायरस की वजह से हजारों लोगों की रोजी रोटी छिन गई. इन सब हालातों के बीच में भी सोना कमजोर नहीं है. जब अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही थी तो सोने के दाम पिछले सात आठ महीनें में आसमान छू रहे थे. सोने की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से खरीदारों और निवेशकों दोनों को भारी मुनाफा हुआ है.

जब जब अर्थव्यवस्था कमजोर होती है सोने के दाम में तेजी देखी जाती है क्योंकि ऐसे हालात में लोग सबसे सुरक्षित क्षेत्र में पैसा लगाने की कोशिश करते हैं. यही कारण है कि कोरोना वायरस महामारी के फैलने के बाद लोगों ने सोने पर जमकर निवेश किया जिससे सोने के छह महीनें के अंदर लगभग दोगुने के पास पहुंच गए. जिन लोगों ने दिसंबर 2019 और जनवरी 2020 के बीच सोने में निवेश किया था उन्हें सात आठ महीनें में भारी मुनाफा हुआ हैदिनों में इतना गिर चुका है सोना, त्यौहारों से पहले खरीदारी का है सही समय, देखें आज का भाव

अगर सोने के ताजे भाव की बात करें तो शुक्रवार को पीली धातु में 236 रुपये की तेजी के बाद 51,558 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बाजार बंद हुआ था. एचडीएफसी सिक्युरिटीज ने यह जानकारी देते हुये कहा कि इससे पिछले दिन के कारोबार मे सोना 51,322 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. बाजार के जानकारों का कहना है कि दुर्गा पूजा और दीपावली जैसे बड़े त्यौहारो की वजह से नवंबर माह में सोने के दाम में एक बार फिर से तेजी देखने को मिलेगी. इसलिए अगर कोई सोने की खऱीदारी या फिर इसमें निवेश करना चाहता है तो यह सही समय है.

सोने के दाम पिछले कई सालों से महंगाई मापने का सर्वोत्तम मानक रहा है। निवेशक सोने को महत्वपूर्ण निवेश के रूप में मानते आ रहे हैं। गुड रिटर्न्स (वनइंडिया मनी) आपको मुहैया कराता है भारत में सोने के दाम। हमारा मकसद है आपको अपडेट रखना। इस पेज पर सोने के दाम देश के सोना व्यापारियों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर प्रकाश‍ित किये जाते हैं। आप हर रोज सोने के दाम यहां पर देख सकते हैं।

सोने के दाम

सोने के दाम में परिवर्तन September 2020

सोने के दाम               22 कैरट                         24 कैरट

1 st September दाम Rs.50,750,               Rs.51,750

30th September दाम Rs.48,950              Rs.49,950

अधिकतम दाम September Rs.50,750 on September 1 Rs.51,750 on September 1

न्यूनतम दाम September Rs.48,250 on September 28 Rs.49,250 on September 28

कैसा रहा प्रदर्शन

% बदलाव -3.55% -3.48%

सोने के दाम में परिवर्तन August 2020

सोने के दाम में परिवर्तन July 2020

सोने के दाम में परिवर्तन June 2020

सोने के दाम में परिवर्तन May 2020

सोने के दाम में परिवर्तन April 2020

यहां देखें कैरेट के अनुसार सोने की शुद्धता

24 कैरेट = 100% शुद्ध सोना (99.9%)

22 कैरेट = 91.7% सोना

18 कैरेट = 75.0% सोना

14 कैरेट = 58.3% सोना

12 कैरेट = 50.0% सोना

10 कैरेट = 41.7% सोना

भारत में सोने (GOLD) की कीमतें कैसे और क्यों बदलती रहती हैं

Gold Price 11 October 2020: तेजी से गिर रहा सोने का दाम, जानिए 1 तोला सोने का भाव

इन दिनों हर देश के सेन्‍ट्रल बैंक के साथ ऐसा होता है कि वहां सारा भंडारण नहीं होता है। जब भी ऐसा होता है तो इससे सोने की कीमतों में तेजी से अस्थिरता आ जाती है। संक्षेप में कहें तो यह मांग देश के केन्‍द्रीय बैंकों से ही निकलती है। जब मांग, उम्‍मीद की गई मांग से ज्‍यादा बढ़ जाती है तो केन्‍द्रीय बैंकों द्वारा सोने की कीमतों में इजाफा कर दिया जाता है। ऐसा कई बार बार देखा गया है और ये कीमतें बहुत हद तक बढ़ जाती हैं।

सोने की कीमतों में बढ़ोत्‍तरी, देश में गोल्‍ड ईटीएफएस के द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका पर भी निर्भर करता है। जब गोल्‍ड ईटीएफ खरीदते हैं तो यह इंटरनेशनल मार्केट में कीमतों के बढ़ने का कारण बनता है जो अंतत: चेन्‍नई में सोने की कीमतों पर असर डालता है।

इन कारणों से बढ़ती हैं सोने की कीमतें

Gold Price 11 October 2020: तेजी से गिर रहा सोने का दाम, जानिए 1 तोला सोने का भाव

क्रॉस करेंसी हेडविंड्स, कीमती धातु पर भी प्रभाव डाल सकता है। उदाहरण के लिए, डॉलर में तेज उछाल, सोने की कीमतों में गिरावट ला सकता है। संक्षेप में, भारत में आज सोने की कीमतें, कई कारणों से प्रभावित होती है और कोई भी ऐसा कारण नहीं है जिसका बड़ा प्रभाव पड़े। कुल मिलाकर आप कह सकते हैं कि कई सारे कारक इसके लिए उत्‍तरदायी हैं।

सोचसमझ कर करें सोने की खरीददारी

आप समय और भविष्यवाणियों के आधार पर सोने नहीं खरीद सकते। कीमती धातु के मूल्यों में होने वाले बदलाव के कारणों की भविष्यवाणी करना हमेशा कठिन होता है। सबसे बड़ा कारण करेंसी मूवमेंट है और ये चीजें व्‍यक्तिगत तौर पर नियंत्रण से बाहर होती हैं। इसलिए, यदि यदि आप सोने की कीमतों में मुद्रा में कारण बन सकते हैं तो ये अच्‍छी या अन्‍य बात है। आप जब चाहें तक सोना खरीद सकते हैं, लेकिन एक निर्धारित दाम पर।

यदि किसी मामले में,आप कम कीमत पर सोना खरीदते हैं तो ये अच्‍छा है लेकिन ऐसा तभी संभव है जब सोने की कीमतों में भारी गिरावट आ गई हो। यदि आपने सही तरीके से अनुमान या स्‍टडी वर्क नहीं किया है तो ये आपके बजट पर भारी पड़ सकता है। इसलिए, सोने की खरीददारी सोचसमझकर करें। ये आपके बजट को नुकसान पहुँचा सकती है।

जब सस्ता हो सोना तब खरीदें

Gold Price 11 October 2020: तेजी से गिर रहा सोने का दाम, जानिए 1 तोला सोने का भाव

आप चाहें तो सोने की खरीददारी के लिए एक नियम को फॉलो कर सकते हैं कि सोना चाहें सस्‍ता हो या मंहगा, जब भी आप खरीदने जाएंगे तो उसकी कीमत 27,000 रूपए से ज्‍यादा न हो। यदि इससे ज्‍यादा की कीमत है जो जरूरी न होने पर शॉपिंग को होल्‍ड कर लें। गोल्‍ड रेट को चेक करने के लिए आप बिजनेस वेबसाइट या न्‍यूज में देख सकते हैं। इससे आपको आज की सोने की कीमतें पता चल जाएगी।

मांग और आपूर्ति पर तय होती हैं कीमतें

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कुल मिलाकर, देश में सोने की कीमतों में बदलाव, मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती है। मुद्रा में उतारचढाव, सेंट्रल बैंकों से खरीददारी, स्‍थानीय कर भी इसका बहुत बड़ा कारण होते हैं। भारत में सोने की कीमतें, बुलियन एसोसिएशन द्वारा काफी हद तक निर्धारित की जाती है, जिसके बदले सोने के खुदरा विक्रेताओं द्वारा तय किया जाता है

भारत में सोने को खरीदने की सही कीमत क्या है?

यह एक मुश्किल सवाल है। कुछ लोग इस सवाल का जवाब देने की कोशिश ज़रूर करेंगे। लेकिन हम आपको कुछ हिंट देते हैं कि भारत में सोना खरीदने की बेहतर कीमत क्या हो सकती है। आज भारत में 916 कैरेट शुद्धता के सोने की कीमत लगभग 28,700 है। दिसम्बर में यह 27,200 थी। इसलिए, यह एक बेकार डील नहीं है। निवेशकों ने पिछले कुछ महीनों में अच्छा पैसा कमाया है। लेकिन इस कीमती धातु को खरीदने वाले हमेशा फायदे में नहीं रहते हैं।

वाकई में कई बार इनके रिटर्न्स बहुत कम होते हैं

इसका मतलब यह है कि अगर रिटर्न कम है तो रिवार्ड्स ज़्यादा नहीं होते हैं और साथ ही नुकसान की संभावना ज़्यादा रहती है। अगर संक्षिप्त में कहें तो इस जोखिम से होने वाले रिवार्ड का अनुपात खरीदने वाले के पक्ष में नहीं होता है। इसलिए, आपको सोना जैसी कीमती धातु तभी खरीदनी चाहिए जब इसकी कीमत कम हो। लेकिन, कितना कम, यह एक जानना ज़रूरी है

कब खरीदें और कब बेंचें GOLD

Gold Price 11 October 2020: तेजी से गिर रहा सोने का दाम, जानिए 1 तोला सोने का भाव

यदि आप इसे 30,000 की रेट पर बेचना चाहते हैं तो आपको इसे 27,000 के लेवल पर खरीदना होगा, इससे आपको लगभग 10 प्रतिशत का मुनाफा होगा। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि सोने को खरीदने और बेचने के साथ ही अन्य कई लागतें भी इससे जुड़ी होती हैं, ऐसे में आपका रिटर्न अच्छा और फायदेमंद होना चाहिए। यही कारण है कि कई लोग सही जानकारी नहीं होने कारण सोने की खरीद से सही मुनाफा नहीं कमा पाते हैं।

कितना लाभ मिलेगा

बड़ी कीमत पर खरीदने पर आपका रिटर्न नाममात्र सा ही होता है। आपको सोने की खरीद पर टैक्स भी देना होता है ऐसे में आपका रिटर्न और गिर जाता है। इसलिए कम कीमत पर होने पर खरीदना और ज़्यादा कीमत होने पर बेचना ही मुनाफा कमाने का सबसे सही तरीका है। इसलिए सोने को खरीदने से पहले कुछ दिन सोने के भावों पर नज़र बनाए रखना आपके लिए बेहतर होगा।

सोने की खरीद के लिए पैन कार्ड हो सकता है अनिवार्य

वित्तीय नियामकों के एक पैनल ने यह प्रस्तावित किया है कि सोने की हर खरीदफरोख्त लिए पैन कार्ड अनिवार्य हो। अगर सरकार इससे सहमत होती है तो सोने की खरीद भले ही कितनी भी राशि की हो इसके लिए पैन कार्ड जरूरी हो सकता है। फिलहाल सिर्फ दो लाख रुपये से अधिक सोने की खरीद के लिए ही पैन नंबर जरूरी होता है।

हर लेनदेन का होगा हिसाब

सोने की हर खरीदफरोख्त इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रजिस्ट्री में दर्ज की जाएगी। इसका मतलब है कि जब भी आप किसी ज्वैलर से सोना खरीदेंगे तो ऑनलाइन उसका हिसाबकिताब रखा जाएगा ताकि पता चल सके कि कहीं कोई व्यक्ति सोना खरीदकर काला धन तो जमा नहीं कर रहा है। हाउसहोल्ड फाइनेशियल पैनल की रिपोर्ट ने कहा, ‘समिति ने यह सिफारिश सोने के रूप में काला धन जमा करने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण लगाने के इरादे से की है। समिति का मानना है कि कर निवारण का प्रवर्तन सख्त होना चाहिए। आरबीआइ ने वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की मीटिंग के बाद भारत में घरेलू वित्त के विभिन्न पहलुओं के अध्ययन के लिए इस समिति का गठन किया था। लंदन के इंपीरियल कालेज के प्रोफेसर तरुण रामादोराई की अध्यक्षता वाली इस समिति में रिजर्व बैंक, सेबी, बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण और पीएफआरडीए के प्रतिनिधि शामिल हैं।

सोने के लेनदेन को इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्री में दर्ज किया जाए

समिति का कहना का है सोना खरीदने को पैन की अनिवार्यता होने के बाद इसका लेनदेन छिपकर किया जा सकता है। इसलिए इसे रोकने के लिए सभी तरह के सोने के लेनदेन को इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्री में दर्ज किया जाना चाहिए। समिति का कहना है कि सोना खरीदकर टैक्स चोरी रोकने के आयकर के आंकड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही कर चोरी रोकने के प्रावधानों को सख्ती से लागू करना चाहिए। समिति ने गोल्ड एक्सचेंज बनाने का भी सुझाव दिया है ताकि सोने के बाजार को प्रोत्साहित किया जा सके।

भारत में सोने की डिमांड

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साल भारत में सोना नीचे गिरा। इसके बावजूद भारत सोने की खपत के मामले में चीन से आगे निकल गया। वैसे देखा जाये तो भारत में सोने के आभूषणों की डिमांड सोने को कभी फीका नहीं पड़ने देगी। बावजूद इसके कि भारत में अब ईगोल्ड और गोल्ड ईटीएफ मौजूद हैं, लोगों की रुचि; सोना खरीदने में ज्यादा है।सरकार ने सोने के आयात में कमी लाने के लिये आयात शुल्क को बढ़ाया, लेकिन देश में सोने का आयात कम नहीं हुआ। पिछले कुछ सालों में सोने के दाम खराब दौर से गुजरे। लेकिन फिर भी 2008 की मंदी के बाद इसने अच्छा रिटर्न दिया। उस वक्त सोने के दाम बहुत नीचे चले गये थे।

कब करें सोने में निवेश?

लोगों के मन में कई बार ये सवाल उठता है कि सोने में निवेश का सही वक्त क्या है, क्योंकि सोने के दाम में हर रोज परिवर्तन होता रहता है इसलिए लोगों के मन में सोने में निवेश को लेकर तमाम आशंकाएं रहती हैं। अब हम आपको बताते हैं सोने में निवेश का सही समय क्या है। सोने के दाम का एक निश्चित सीमा के बाद नहीं बढ़ता है। ये दाम बाजार भाव और खरीद पर निर्भर हैं। वर्तमान में सोने का भाव 30 हजार रुपए के आसपास है और आने वाले कुछ वर्षों में ये भाव इसी के आसपास रह सकते हैं। ध्यान रहे जब भी सोने के भाव बढ़ रहे हों तब सोने में निवेश ना करें और जब सोने के दाम गिर रहे हों तो सोने में निवेश करने से ना चूकें। मान लीजिए आप ऐसे वक्त में सोने में निवेश करते हैं जब सोने के भाव 30 हजार रुपए के आसपास हों तो आपको होने वाला लाभ अधिकतम 200-500 रुपए के बीच रह सकता है या फिर 1000 रुपए तक का लाभ हो लेकिन अगर आप सोने में उस वक्त निवेश करते हैं जब उसका दाम 25 हजार रुपए से नीचे हो और फिर दाम धीरधीरे बढ़ना शुरु हो तो आपका यही निवेश 4 से 5 हजार रुपए का अच्छा मुनाफा दे सकता है। सोने में निवेश करने से पहले आप बाजार भाव के बारे में पता कर लें।

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24 कैरेट सोना

जब हम 24 कैरेट सोने की बात करते हैं तो इसका सीधा सा मतलब है कि हम शुद्ध सोने की बात कर रहे हैं। 24 कैरेट सोने में सोने की मात्रा 99.9 फीसदी रहती है। सोने की शुद्धता का पैमाना 24 कैरेट को ही माना गया है क्योंकि इसमें शुद्ध सोने की मात्रा 99.9% है। शुद्ध सोने की पहचान है कि वह बहुत ज्यादा ही लचीला होता है। सोना एक ऐसी धातु है जिसको कागज से भी पता बनाया जा सकता है। कई मंदिरों और स्थानों पर सोने के वर्क का प्रयोग सजावट के तौर पर होता है। वहीं 24 कैरेट सोना इतना लचीला होता है कि उसका गहना बनाना आसान नहीं है। शुद्ध सोने में लीचीलापन अधिक होता है जिसके कारण उससे बने गहने मुड़ सकते हैं। इससे गहनों का आकार खराब हो जाता है और वह दोबारा पहनने लायक नहीं रहते हैं। भारत में ज्यादातर लोग सोने आभूषण पहनते हैं, इनमें इयर रिंग, अंगूठी और गले की चेन सबसे ज्यादा पहनी जाती है। लोग भी इन गहनों को लगातार पहनते हैं वहीं अगर ये गहने 24 कैरेट सोने के बने हों तो ये बहुत जल्द मुड़ जाएंगे।

22 कैरेट सोना

गहनों के लिहाज से 22 कैरेट सोना सबसे उपयुक्त होता है। 22 कैरेट सोना 24 कैरेट सोने से शुद्धता के मामले में कम होता है, जहां 24 कैरेट में 99.9 फीसदी सोने की मात्रा रहती है वहीं 22 कैरेट में सिर्फ 91.6 फीसदी सोने की मात्रा रहती है। बाकी कॉपर और जिंक जैसी धातुएं होती हैं जो कि इसमें मिलायी जाती हैं। इन धातुओं की वजह से सोना 24 कैरेट के मुकाबले ज्यादा मजबूत होता है। 22 कैरेट के सोने का प्रयोग ज्यादातर गहने बनाने के लिए होता है। देश के तमाम सर्राफा बाजार 22 कैरेट में सोने के गहने बनाते हैं। 22 कैरेट सोने का दाम 24 कैरेट के सोने के दाम 1 से 2 हजार रुपए तक कम रहता है।

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18 कैरेट सोना

जब बात बजट में सोना खरीदने की आती है तो सबसे पहले सोने के दाम चेक किए जाते हैं। 18 कैरेट सोने में 75 प्रतिशत सोना रहता है बाकी 25 प्रतिशत सिल्वर, जिंक, निकेल और कॉपर जैसे मेटल रहते हैं। आम तौर पर सोने के ऐसे गहने जिसमें अन्य पत्थर जैसे मोती या डायमंड (हीरा) जुड़े होते हैं वह 18 कैरेट गोल्ड के ही होते हैं। 18 कैरेट गोल्ड 24 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड से ज्यादा मजबूत होता है जिसके कारण उसमें लगा पत्थर अपनी स्थान पर ही रहता है। यहां ध्यान देने वाली एक और बात है, 18 कैरेट गोल्ड का दाम 22 कैरेट सोने के दाम से भी कम होता है जिसके कारण आप कम पैसे में सोने के गहने खरीद सकते हैं। मान लीजिए कि अभी 24 कैरेट सोने के दाम 30 हजार रुपए के आसपास हैं और 22 कैरेट सोने का दाम 27-28 हजार रुपए के आसपास है तो वहीं 18 कैरेट सोने का दाम 21-23 हजार के बीच ही रहेगा।

खरीदने से पहले पता करें भाव

सोने खरीदते वक्त सबसे पहले आपको जो काम करना है वो ये कि आप अपने शहर में सोने के दाम पता करें। आपके शहर में सोने का क्या भाव चल रहा है इसकी जानकारी जरूर रखें। सोने के भाव सिर्फ एक दुकान से नहीं बल्कि कई दुकानों से पता करें। इससे आपको एक आइडिया मिल जाएगा कि आखिर शहर में सोने का औसत भाव क्या है।

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कैसी दुकान से खरीदें सोना

अगर आप किसी ग्रामीण इलाके में रहते हैं तो कभी भी आसपास के सुनार की दुकान से सोना मत खरीदें। हम ऐसे इसलिए कह रहें हैं क्योंकि ऐसी दुकानों पर सोने की कीमत बाजार भाव से अलग रहती है, सोने की गुणवत्ता हमेशा संदिग्ध रहती है इसलिए ऐसी किसी भी सर्राफा दुकान से सोने की खरीददारी मन करें। अगर आप किसी छोटे शहर में रहते हैं और वहां कई सर्राफा की दुकानें है तो आप उसमें से सबसे विश्वसनीय दुकान को चुनिए, उस दुकान पर सोने का क्या भाव चल रहा है और कितना मेकिंग चार्ज है, आदि बिदुंओ के बारे में पता करें। ध्यान रहे, दुकान जितनी विश्वसनीय होगी सोने की गुणवत्ता उतनी ही अच्छी होगी।

क्या होता है सोने का मेकिंग चार्ज

सोने की खरीद में सबसे अहम बिंदु होता है उसका मेकिंग चार्ज। इंडियन बुलियन एसोसिएशन देश भर में सोने का क्या भाव होगा इसे तय करता है। इसलिए हर शहर में सोने के भाव 100-200 रुपए कम ज्यादा रहते हैं लेकिन एक शहर में सोने के भाव एक ही रहता है सोने का भाव उसके मेकिंग चार्ज व अन्य टैक्सेस की वजह से अलग रहता है। सोना खरीदते वक्त उस पर BIS हॉल मार्क जरूर चेक करें। ये हॉल मार्क प्रमाणित करता है कि सोना असली है या नहीं। साथ ही सोने की गुणवत्ता भी BIS हॉलमार्क के जरिए ही प्रमाणित होती है।

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