Mustered Oil Price: सरसों तेल के भाव में 10 रुपये प्रति लीटर तक की कमी, जानिए क्या है अब नई कीमत

सरसों तेल के तेवर कुछ नरम हुए हैं। लंबे समय के बाद सरसों तेल के भाव में 10 रुपये प्रति लीटर तक की राहत मिली है। हालांकि इससे घरेलू बजट में बहुत अधिक राहत मिलती नहीं दिख रही है। क्‍याेंकि अभी भी 2020 के जनवरी की तुलना में सरसों तेल का मूल्‍य 70 से 80 रुपये अधिक पर टिका हुआ है। इससे सामान्‍य परिवार का बजट बिगड़ा हुआ है।

सरसों तेल में 10 रूपये तक की कमी

Mustered Oil Price: सरसों तेल के भाव में 10 रुपये प्रति लीटर तक की कमी, जानिए क्या है अब नई कीमत

सरसों तेल का न्‍यूनतम भाव 150 रुपये प्रति लीटर था जो अब घटकर 145 रुपये पर पहुंच गया है। इसमें पांच रुपये की राहत मिली है। इसी तरह से ब्रांडेड सरसों तेल का भाव 200 रुपये प्रतिलीटर से घटकर अब 190 रुपये पर आ गया है। इसमें 10 रुपये प्रति लीटर की कमी आई है। बता दें कि सरसों तेल का भाव मई में 225 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया था। इसका न्‍यूनतम भाव भी 175 रुपये तक चला गया था। कोरोना के पीक के समय तेल की कीमत की वजह से लोग परेशान हो गए थे।

इस वजह से बढ़ गई है सरसों तेल की कीमत

Mustered Oil Price: सरसों तेल के भाव में 10 रुपये प्रति लीटर तक की कमी, जानिए क्या है अब नई कीमत

किसी वस्‍तु का भाव घरेलू बजट को सीधे प्रभावित करता है। हालांकि कीमत में जो कमी आई है वह ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है। मूल्‍य में कमी के बावजूद पिछले साल की तुलना में एक छोटे परिवार को सरसों तेल के मद में 350 रुपये प्रति माह अधिक खर्च करना पड़ रहा है। छोटे परिवार में औसतन चार से पांच लीटर सरसों तेल की खपत होती है।

तेल की बढ़ी कीमतों के कारण मजदूर वर्ग के निवाले पर असर पड़ा था। मध्‍यम और निम्‍न मध्‍यमवर्गीय लोगों की हालत भी खराब रही। बिहार खुदरा विक्रेता महासंघ के महासचिव रमेश तलरेजा ने कहा कि विदेशों में खाद्य तेलों की कीमत में तेजी बनी हुई है।  इसी वजह से दाम में ज्‍यादा कमी नहीं आ रही है। बताया जाता है कि लाकडाउन, सरसों के उत्‍पादन में कमी समेत अन्‍य कारणों से तेल के दाम में भारी वृद्ध‍ि हो गई।