Pluses Price: दाल की कीमतें हुई पहले से आधी, फूटकर में जानिए क्या रह गई हैं अब कीमतें

मार्च के बाद यह पहला मौका है जब जुलाई के प्रथम सप्ताह में दाल का मूल्य नियंत्रण में आया है। इससे उम्मीद व्यक्त की जा रही है कि भविष्य में भी दाल के मूल्य में संतुलन बरकरार रहेगा। पिछले चार महीने तक दाल के लगातार असंतुलित मूल्य ने गरीबों को निराश करके रखा। बाजार और सरकार की भी खूब फजीहत हुई। सरसों तेल के बाद दाल ही वह खाद्य पदार्थ थी जो नियमित रूप से मूल्य के मामले में उतार-चढ़ाव पर रही। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब मूल्य वृद्धि के चलते दाल का स्वाद गरीब तबकों को कड़वा लगा है। इससे पहले भी मूल्य वृद्धि के चलते गरीबों के थाली से यह दूर होते जी रही है। मार्च के महीना से इसका तेवर लगातार कड़ा रहा।

अरहर और चना के दाम ने तोड़े सभी रिकॉर्ड

Pluses Price: दाल की कीमतें हुई पहले से आधी, फूटकर में जानिए क्या रह गई हैं अब कीमतें

अरहर दाल के साथ चना दाल शुरू से ही कदमताल करती रही। स्थानीय गोला बाजार में चना दाल खुदरा मंडी में जब 55 रुपये प्रति किलो थी तब अरहर दाल का मूल्य 95 रुपया प्रति किलो था। वर्तमान में चना दाल 65 रुपये प्रति किलो है। अरहर दाल की कीमत 95 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रही है। जब-जब अरहर दाल के मूल्य में उतार चढ़ाव आया है, तब-तब चना दाल के भाव में भी प्रभाव आया है।

दाल की कीमतें हुईं सस्ती

Pluses Price: दाल की कीमतें हुई पहले से आधी, फूटकर में जानिए क्या रह गई हैं अब कीमतें

दाल में भी राहत दालों में राहर दाल की कीमत तो इस साल 130 रुपए तक चली गई थी। इसी के साथ मूंगदाल सबसे महंगी हो गई थी। इसकी कीमत 140 रुपए तक पहुंच गई थी, लेकिन अब राहर दाल थोक में 90 से 95 रुपए में मिल रही है। वहीं चिल्हर में 100 से 105 में मिल रही है। इसी के साथ मूंगदाल 75 से 85 रुपए थोक में और चिल्हर में 95 रुपए में मिल रही है। चना दाल थोक में 62 और चिल्हर में 75 रुपए, उड़द दाल थोक में 80 से 90 और चिल्हर में 90 से 100 रुपए बिक रही है। देशी चना थोक में 52 और चिल्हर में 60 से 65 रुपए मिल रहा है। काबुली चना थोक में 80 से 88 और चिल्हर में 90 से 100 रुपए में मिल रहा है।