किसानों ने सरकार को दी चेतावनी, 4 जनवरी को नहीं हुआ फैसला तो करेंगे उग्र प्रदर्शन

तीन नए कृषि कानूनों को रद्द करने और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दिए जाने की मांगों पर डटे किसान संगठनों ने सीधे तौर पर सरकार को चेतावनी दी है। किसानों ने शुक्रवार को कहा कि अगर सरकार चार जनवरी को हमारे पक्ष में फैसला नहीं लेती है तो वे कड़े कदम उठाएंगे। सिंघु बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने अपनी मुख्य मांगों के पूरा नहीं होने पर कड़े कदमों की चेतावनी दी।

हरियाणा में सभी मॉल, पेट्रोल पंपों को बंद करने की तैयारी

किसानों ने सरकार को दी चेतावनी, 4 जनवरी को नहीं हुआ फैसला तो करेंगे उग्र प्रदर्शन

उन्होंने कहा कि सरकार के साथ अब तक हुई बैठकों में किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों में से केवल पांच प्रतिशत पर चर्चा हुई है। किसान नेता विकास ने कहा, ‘अगर सरकार के साथ चार जनवरी की बैठक में गतिरोध दूर नहीं होता है तो हम हरियाणा में सभी मॉल, पेट्रोल पंपों को बंद करने की तारीखों की घोषणा करेंगे।’

छह जनवरी को निकाला जाएगा ट्रैक्टर मार्च

किसानों ने सरकार को दी चेतावनी, 4 जनवरी को नहीं हुआ फैसला तो करेंगे उग्र प्रदर्शन

किसान नेताओं ने कहा कि सरकार के साथ अब तक हुई बैठकों में किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों में से केवल पांच फीसद पर चर्चा हुई है। किसान नेता विकास ने कहा, ‘अगर सरकार के साथ चार जनवरी की बैठक में गतिरोध दूर नहीं होता है तो हम हरियाणा में सभी मॉल, पेट्रोल पंपों को बंद करने की तारीखों की घोषणा करेंगे।’

स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि हरियाणा-राजस्थान सीमा पर शाहजहांपुर में प्रदर्शन कर रहे किसान भी राष्ट्रीय राजधानी की ओर आगे बढ़ेंगे। एक अन्य नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि अगर अगले दौर की बातचीत में कोई ठोस फैसला नहीं हुआ तो छह जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा।

तोमर चार विषयों में से दो मुद्दों पर पारस्परिक सहमति

किसानों ने सरकार को दी चेतावनी, 4 जनवरी को नहीं हुआ फैसला तो करेंगे उग्र प्रदर्शन

बुधवार को छठे दौर की औपचारिक वार्ता में सरकार और किसान संगठनों के बीच बिजली की दरों में वृद्धि और पराली जलाने पर जुर्माना को लेकर किसानों की चिंताओं के हल के लिए कुछ सहमति बनी। लेकिन तीन कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी के मुद्दों पर गतिरोध कायम रहा।

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हजारों किसानों के 41 सदस्यीय प्रतिनिधि समूह और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच वार्ता के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि चार विषयों में से दो मुद्दों पर पारस्परिक सहमति के बाद 50 फीसद समाधान हो गया है और शेष दो मुद्दों पर चार जनवरी को दोपहर दो बजे चर्चा होगी।

अगले दौर की वार्ता से उम्मीद, तोमर

प्रदर्शनकारी किसानों के साथ अगले दौर की बातचीत को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बेहतर नतीजा निकलने की उम्मीद जताई है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि सरकार चार जनवरी को किसान संगठनों के साथ होने वाली बैठक में सकारात्मक नतीजे की उम्मीद कर रही है। हालांकि, वे यह कहने से बचते नजर आए कि चार को वार्ता अंतिम होगी। उन्होंने कहा कि वह ज्योतिषी नहीं हैं। आगे भी बातचीत जारी रह सकती है।