पेट्रोल और डीजल

देश में हर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतें नया रिकॉर्ड बना रही है, आज फिर से दो दिन की शांति के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सरकारी कंपनियों ने इजाफा किया है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल शतक भी लगा चुका है। तेल के लगातार बढ़ते दामों ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है।

दो दिन की शांति के बाद फिर तेल के दाम

पेट्रोल और डीजल

भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में आग लगी हुई है, देश के कई हिस्सों में पेट्रोल शतक लगा चुका है। जिससे आम आदमी का महंगाई की वजह से जीना दूबर हो गया है। आज फिर से दो दिन की शांति के बाद तेल के दाम में उछाल आया है। देश की सरकारी तेल कंपनियों में फिर से पेट्रोल और डीजल के रेट में बढ़ोतरी कर दी है।

आज दिल्ली में पेट्रोल 35 पैसे प्रति लीटर महंगा होकर 90.93 रुपये पर चला गया है। तो वही डीजल 35 पैसे प्रति लीटर महंगा होकर 81.32 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

क्या है आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

पेट्रोल और डीजल

आपको बात दें सोमवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल 65 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। जिसकी वजह से देश में तेल के दाम अपने उच्चतम स्तर पर है। देश के कई शहरों में पेट्रोल शतक लगा चुका है।

आज दिल्ली में पेट्रोल 90.93 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है, तो वही डीजल 81.32 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रह है। इसी तरह मुंबई में प्रट्रोल 97.34 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है, तो डीजल 84.19 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। देश के कई शहरों में पेट्रोल शतक लगा चुका है, राजस्थान के श्रीगंगानगर और मध्य प्रदेश के अनूपपुर जैसे कई  शहरों में पेट्रोल 100 रुपये के पार बिक रहा है।

आखिर पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ क्यो रही है

पेट्रोल और डीजल

भारत में पेट्रोल और डीजल का दाम वैश्विक खुदरा बाजार के कच्चे तेल के दाम से लिंक है। इसका मतलब है कि अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल का दाम कम होता है तो भारत में भी पेट्रोल और डीजल का दाम सस्ता होगा, और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल का दाम बढ़ता है तो भारत में भी तेल का दाम बढ़ता है।

आम लोगों को सरकार फायदा क्यों नही दे रही है

पेट्रोल और डीजल

भारत में हर बार वैश्विक बाजार के हिसाब से तेल का दाम तय नहीं होता है, ज्यादातर जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल का दाम चढ़ता है तो सरकार ग्राहकों पर इसका बोझ डाल देती है, लेकिन जब कच्चे तेल का भाव वैश्विक बाजार में कम होता है, तो उस वक्त सरकार अपना रेवेन्यू बढ़ाने के लिए  ग्राहकों पर टैक्स का बोझ डाल देती है।