PM मोदी ने किसानों के लिए जो कहा जीत लिया सभी का दिल
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मन की बात: PM मोदी बोले- किसान आत्मनिर्भर भारत का आधार, कोरोना काल में दिखाया दमखम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के 69वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने कार्यक्रम में  किसानों की जिक्र किया और कोरोना संकट की भी बात की। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि, हमारे यहां कहा जाता है कि जो जमीन से जितना जुड़ा होता है, वह बड़े से बड़े तूफानों में भी उतना ही अधिक रहता है।

कोरोना के इस कठिन समय में हमारा कृषि क्षेत्र, हमारा किसान इसका जीवंत उदाहरण है। संकट के इस काल में भी हमारे देश के कृषि क्षेत्र ने फिर से अपना दमखम दिखाया है। पीएम मोदी ने कहा कि, ‘देश का कृषि क्षेत्र, हमारे किसान, हमारे गांव आत्मनिर्भर भारत का आधार हैं। ये मजबूत होंगे तो आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी।’

इसी कड़ी में पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री ने हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ सफल किसानों तथा किसान समूहों का जिक्र करते हुए कहा कि बीते कुछ समय में कृषि क्षेत्र ने खुद को अनेक बंदिशों से आजाद किया है और अनेक मिथकों को तोड़ने का प्रयास किया है।

वहीं हरियाणा के सोनीपत जिले के किसान कंवर चौहान की कहानी बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, एक समय था जब उन्हें मंडी से बाहर अपने फल और सब्जियां बेचने में बहुत दिक्कत आती थी। आगे उन्होंने कहा कि, साल 2014 में फल और सब्जियों को जब एपीएमसी कानून से बाहर कर दिया गया, तो इसका उन्हें और अन्य किसानों को लाभ हुआ।

आगे उन्होंने कहा कि तीन-चार पहले ही महाराष्ट्र में फल और सब्जियों को एपीएमसी के दायरे से बाहर किया गया था। इससे महाराष्ट्र के फल व सब्जी उगाने वाले किसानों की स्थिति बदली है। इन किसानों के अपने फल-सब्जियों को कहीं पर भी बेचने की ताकत है और यही उनकी इस प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि, ‘अब यही ताकत देश के दूसरे किसानों को भी मिल गई है।

मोदी ने कहा कि, ‘आज वह स्वीट कॉर्न और बेबी कार्न की खेती कर रहे हैं। जिससे उनकी सालाना कमाई ढाई से तीन लाख रुपये प्रति एकड़ है।’ मुंबई में किसान साप्ताहिक बाज़ार का संचालन खुद कर रहे हैं। वहीं इन बाज़ारों में करीब 70 गांवों के साढ़े चार हज़ार किसानों का उत्पाद बिना किसी बिचौलिए के  सीधे बेचा जाता है।

भारत में कहानी सुनाने की परंपरा को लेकर कही ये बात 

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘भारत में कहानी सुनाने की एक समृद्ध परंपरा रही है। हमें गर्व है कि हम उस देश के वासी है, जहां कहानियां में पशु-पक्षियों व परियों की काल्पनिक दुनिया बुनी गई, ताकि विवेक, सहनशीलता, समझ और बुद्धिमता की बातों का सरलता के साथ समझाया जा सके।

दुनिया कई परिवर्तनों के दौर से गुजर रही है

इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि, ‘कोरोना काल में पूरी दुनिया कई परिवर्तनों के दौर से गुजर रही है। वहीं जब आज, जब दो गज की दूरी एक अनिवार्य जरूरत बन गई है, तो इस संकट काल की घड़ी ने परिवार के सभी सदस्यों को आपस में जोड़े रखने और पास लाने का कार्य भी किया है। बताते चलें कि मन की बात कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को अलग-अलग मुद्दों पर अपनी बात को बेबाकी से रखते हैं और देश की जनता से रूबरू होते हैं।