Arti Dogra : कद नहीं काम बोलता है। यही कहावत को साबित कर दिखाया है एक महिला ने। जिसका भले ही शारीरिक कद छोटा रह गया हो लेकिन अपना ओहदा इतना बड़ा कर दिया कि अब दुनिया उन्हें सलाम करती है। यह साबित कर दिखाया है 3.5 फीट लंबी आईएएस आरती डोगरा (Arti Dogra) ने।
स्कूल और कॉलेज में जब उनके कद का मजाक उड़ाया जाता था। तो उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और पहले ही प्रयास में 56वीं रैंक हासिल कर उनका मजाक उड़ाने वालों का मुंह बंद कर दिया।
साढ़े तीन फीट की आईएएस डोगरा ने रचा इतिहास
आरती डोगरा (Arti Dogra) भले ही कद में छोटी हों लेकिन आज वह देशभर की महिला आईएएस के प्रशासनिक वर्ग में एक मिसाल बनकर उभरी हैं और यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने समाज में बदलाव के लिए कई मॉडल पेश किए हैं जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी काफी पसंद किया है।
आरती डोगरा बूंदी, अजमेर और बीकानेर की कलेक्टर रह चुकी हैं। वह कई जिलों की अतिरिक्त जिला कलेक्टर रह चुकी हैं।
कई जनहित में काम करते हुए कमाया नाम
बीकानेर जिला कलेक्टर रहते हुए आरती डोगरा (Aarti Dogra) ने खुले में शौच के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया था। ‘बांको बीकाण’ के नाम से मशहूर इस अभियान ने पूरे देश में मिसाल कायम की थी। जब अशोक गहलोत तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने आरती डोगरा (Aarti Dogra) को अपना सचिव बनाया।
हर गांव में पक्के शौचालय बनवाए गए। जिनकी निगरानी मोबाइल सॉफ्टवेयर के जरिए की गई। यह अभियान 195 ग्राम पंचायतों में चलाया गया। बांको बीकाण की सफलता के बाद आरती डोगरा को कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कार मिले।
उत्तराखंड की रहने वाली हैं आईएएस आरती डोगरा
आरती डोगरा (Arti Dogra) मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उनका जन्म उत्तराखंड के देहरादून में हुआ था। आरती साल 2006 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। उनकी लंबाई महज 3 फीट 3 इंच है। जिसकी वजह से उन्हें बचपन से ही भेदभाव का सामना करना पड़ा। आरती अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं।
उनके पिता राजेंद्र डोगरा पेशे से कर्नल हैं और मां कुमकुम एक स्कूल प्रिंसिपल हैं। आरती (Arti Dogra) ने अपनी स्कूली शिक्षा वेल्हम गर्ल्स स्कूल, देहरादून से की और लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक किया।
पहले ही प्रयास में पाई थी 56वीं रैंक
आरती (Arti Dogra) की मुलाकात उत्तराखंड की पहली महिला आईएएस मनीषा पंवार से हुई। मनीषा पंवार ने आरती को यूपीएससी की तैयारी करने की सलाह दी। भले ही बचपन में उनके दोस्तों ने उनका मजाक उड़ाया हो, लेकिन आरती डोगरा न केवल अपने दोस्तों के लिए बल्कि देश के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
वर्ष 2005 में आरती डोगरा (Arti Dogra) ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। उन्होंने पूरे भारत में 56वीं रैंक हासिल की। वह 2006 बैच की राजस्थान कैडर की आईएएस हैं।
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