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इस मेले में लोगों से ज्यादा दिखते हैं सांप, करतब देख आप हो जाएंगे हैरान

इस मेले में लोगों से ज्यादा दिखते हैं सांप, करतब देख आप हो जाएंगे हैरान
Snake fair- अपने जीवन में आपने कई मेले देखे होंगे, कई मेलों में तो आपने खूब मस्ती भी की होगी। लेकिन क्या आप एक ऐसे मेले में गए हैं जहां पर लोगों से ज्यादा सांप दिखते हैं। जी हां, भले ही ये बात सुनने में जरा अटपटी सी लगे लेकिन बिहार में एक ऐसा मेला आयोजित किया जाता है जहां मेले में सैकड़ों सांप दिखते हैं और लोग उन सांपों से ड़र के मारे भागने के बजाय उनके साथ करतब करते हुए और उनकी पूजा करते हुए देखे जा सकते हैं। क्या है इस मेले का रहस्य और ये क्यों मनाया जाता है, आईए जानते हैं।

मेले का वीडियो देख हैरत में पड़े कई लोग

Snake Fair

हाल ही में इंटरनेट पर एक वीडियो खूब वायरल हुआ था, वीडियो में सैकड़ों लोग सांपों के साथ करतब करते हुए नजर आ रहे थे। ऐसा दृश्य देख हर कोई सकते में था। बाद में पता चला की ये वीडियो बिहार के समस्तीपुर जिले का है जहां पर लोग नागपंचमी पर विषहरी माता की पूजा कर रहे थे। बताया गया कि इस पूजा के दौरान सांपों के साथ खेला जाता है और वहां के ग्रामीणों के लिए ये काफी आम बात है। एक ओर जहां लोग वीडियो में दिख रहे दृश्यों (Snake fair) से ड़र रहे थे तो दूसरी और स्थानीय लोगों का कहना था कि ऐसा करतब उन्होंने पहली बार नहीं किया है बल्कि ये तो वो हर साल ही करते हैं।

 महीनों पहले से ही लोग पकड़ने लगते हैं सांप 
Snake Fair

विभूतिपुर थाना क्षेत्र में स्थित सिंघिया घाट में हर साल नागपंचमी के अवसर पर सांपों का मेला (Snake fair) लगाया जाता है। इस मेले को देखकर अच्छे अच्छों के होश उड़ जाते हैं। मेले में भगत के साथ-साथ बच्चे और बूढ़े भी अपने गले में सांप लपेट कर उनके साथ खेलते हुए देखे जाते हैं। बताया जाता है कि इस मेले के लिए कई महीनों पहले से ही सांपों को पकड़ने का दौर शुरू हो जाता है, जो कि नागपंचमी तक चलता है।  नागपंचमी के दिन स्थानीय लोग माता विषहरी का नाम लेकर विषैले सर्पों को मुंह में पकड़कर, उन्हें अपने गर्दन पर लपेट कर कई करतब करते हैं। इस दिन सैकड़ों की संख्या में लोग बूढ़ी गंडक नदी में प्रवेश करने के बाद माता विषहरी का नाम लेते हैं और सांप निकालते हैं। इस दौरान घाट पर मौजूद लोग नागराज और विषहरी माता के जयकारे लगाते हैं और आखिर में सांपों को जंगल में छोड़ दिया जाता है।

सैकड़ों सालों से होता आ रहा है Snake fair का आयोजन

Snake Fair

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिहार में ये मेला (Snake fair) सैकडो़ं सालों से आयोजित हो रहा है। इस मेले को मिथिला का सबसे प्रसिद्ध मेला भी माना जाता है। इस क्षेत्र में नाग देवता की पूजा की परम्परा कई सैकड़ों सालों से चल रही है। यहां मुख्यत: गहवरों में बिषहरी माता की पूजा अर्चना की जाती है। इस मेले में और पूजा के दौारन महिलाएं अपने वंश की वृद्धि की कामना करती हैं और नागदेवता का आर्शीवाद पाने के लिए उनकी विशेष पूजा करती हैं। मान्यता है कि नागपंचमी पर इस पूजा में भाग लेने वाले लोगों की हर मन्नत पूरी होती है।

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