Rajnath Singh: भारत की सुरक्षा नीति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने हाल ही में मध्य प्रदेश के महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित “रण संवाद 2025” में कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को लंबी अवधि तक चलने वाले संघर्षों के लिए तैयार रहना होगा। उनका कहना था कि आज युद्ध केवल कुछ महीनों तक सीमित नहीं रहते; यह कई वर्षों तक भी खिंच सकता है। इसलिए सेना को हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार रहना जरूरी है।
भारत का उद्देश्य युद्ध नहीं- राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का उद्देश्य युद्ध नहीं है, लेकिन यदि आवश्यकता पड़ी तो देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का उदाहरण देते हुए बताया कि इस अभियान की सफलता से यह साबित हुआ कि स्वदेशी तकनीक और संयुक्त बलों की समन्वित रणनीति से भारत की सैन्य क्षमता विश्व स्तर पर मजबूत हुई है।
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नई चुनौतियों का सामना करने के लिए रहना होगा तैयार
“रण संवाद 2025” में रक्षा मंत्री (Rajnath Singh) ने युद्ध के बदलते स्वरूप पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध अब केवल भूमि, वायु और समुद्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह अंतरिक्ष और साइबर डोमेन तक फैल चुके हैं। सैटेलाइट आधारित निगरानी, ड्रोन तकनीक, साइबर युद्ध और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आज के युद्ध में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए भारतीय सेना को इन नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम होना आवश्यक है।
Future wars will not merely be battles of weapons; they will be a combined play of technology, intelligence, economy and diplomacy. In the times ahead, the nation that master's the triangle of technology, strategy and adaptability will emerge as the true global power. pic.twitter.com/zIOEAoQdUR
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) August 27, 2025
संयुक्त संचालन सिद्धांत का किया विमोचन
इसके साथ ही उन्होंने (Rajnath Singh) “संयुक्त संचालन सिद्धांत” और “प्रौद्योगिकी परिप्रेक्ष्य और क्षमता रोडमैप 2025” जैसे दस्तावेजों का विमोचन किया। ये दस्तावेज सेना को आधुनिक युद्ध की रणनीति, तकनीकी सशक्तिकरण और बहु-डोमेन संचालन में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उनका उद्देश्य सेना की क्षमता को लंबी अवधि के लिए मजबूत बनाना और किसी भी बड़े संघर्ष का सामना करने के लिए तैयार रखना है।
अपनी रक्षा तैयारियों को और मजबूत करेगा भारत
रक्षा मंत्री (Rajnath Singh) के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारत केवल पारंपरिक हथियारों पर निर्भर नहीं रहेगा। देश आधुनिक तकनीक, ड्रोन, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष आधारित निगरानी के माध्यम से अपनी रक्षा तैयारियों को व्यापक रूप से मजबूत कर रहा है। यह कदम “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीति है, जो न केवल सेना की क्षमता बढ़ाता है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान करता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संदेश साफ है कि सशस्त्र बल हर स्थिति में तैयार हैं, और देश किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
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