Kanpur: उत्तरप्रदेश के कानपुर (Kanpur) से एक ऐसा अजब मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक सिक्योरिटी गार्ड, जिसकी मासिक सैलरी मात्र 10 हजार रुपये है, उसे सरकार की ओर से 3 करोड़ 14 लाख रुपये का टैक्स नोटिस थमा दिया गया। यह खबर सामने आते ही इलाके में चर्चा का विषय बन गई और हर कोई इस घटना को सुनकर हैरत में है।
सिक्योरिटी गार्ड को मिला करोड़ों के ट्रैक्स का नोटिस
मामला कानपुर (Kanpur) के काकादेव क्षेत्र का है। यहां कोचिंग सेंटर में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले 22 वर्षीय ओमजी शुक्ला को यह नोटिस मिला। गार्ड की सामान्य जिंदगी अचानक तब बदल गई जब उनके पास सीजीएसटी (सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स) का नोटिस पहुंचा। इसमें लिखा था कि उनके नाम पर 17.47 करोड़ रुपये का कपड़ा कारोबार दर्ज है और उस पर 3.14 करोड़ रुपये का टैक्स बनता है।
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32 पन्नों का किला नोटिस
शुरुआत में जब नोटिस आया तो लोगों को लगा कि यह मजाक या फर्जीवाड़ा है। पहले एक पेज का नोटिस आया, फिर 21 अगस्त को 32 पन्नों का विस्तृत नोटिस उनके घर (Kanpur) पहुंचा। इसमें उनका नाम, पता, पैन नंबर और सात दिन के भीतर दस्तावेज पेश करने का आदेश भी शामिल था। यह देखकर गार्ड और उनका परिवार घबरा गया।
गार्ड का क्या है कहना?
ओमजी शुक्ला का कहना है कि उनकी कमाई महज 10 हजार रुपये है। वह रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में ही मुश्किल से काम चला पाते हैं। ऐसे में 3 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाना तो नामुमकिन है। उन्होंने बताया कि शायद किसी ने उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग करके उनके नाम पर फर्जी कंपनी रजिस्टर कराई है।
घबराए गार्ड ने सीधे सीजीएसटी कार्यालय (Kanpur) जाकर आयुक्त से मुलाकात की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि घबराने की जरूरत नहीं है, बस समय पर जवाब देना होगा। जांच के बाद यह साफ होगा कि कारोबार और टैक्स का उनसे कोई संबंध नहीं है।
एक कोचिंग में सिक्योरिटी गार्ड के पास तीन करोड़ का सीजीएसटी का नोटिस पहुंची तो उसकी रूह फाख्ता हो गई!
मामला कानपुर का है, जहां के ओमजी शुक्ला एक कोचिंग केंद्र के सुरक्षा गार्ड हैं। इनके पास 3 करोड़ 14 लाख 56 हजार रुपए का टैक्स का नोटिस पहुंचा , केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर… pic.twitter.com/g1fJndiddg
— Gyanendra Shukla (@gyanu999) August 26, 2025
सख्त कार्रवाई की जरूरत
कानपुर (Kanpur) की यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि आम नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर कैसे फर्जीवाड़ा किया जा सकता है। सरकार और प्रशासन को इस तरह के मामलों में सतर्कता और सख्त कार्रवाई की जरूरत है, ताकि कोई निर्दोष व्यक्ति बेवजह परेशान न हो।
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