Pakistan: पाकिस्तान (Pakistan) इस समय बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण भीषण बाढ़ से जूझ रहा है, लेकिन वह इसके लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहरा रहा है. पाकिस्तान ने अब भारत पर पानी को हथियार बनाने का आरोप लगाया है. पाकिस्तान की शाहबाज शरीफ सरकार में योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि नई दिल्ली ने अचानक और जानबूझकर अपने बांधों से पानी छोड़ा है.
जियो न्यूज़ के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, इकबाल ने कहा, “भारत ने पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।” वह पाकिस्तान के पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ पर बोल रहे थे, जहाँ रावी, सतलुज और चिनाब नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण एक बड़ा इलाका जलमग्न हो गया है.
आक्रामकता का सबसे बुरा उदाहरण
मंत्री अहसान इकबाल ने भारत पर जल क्षेत्र में अतिक्रमण का आरोप लगाया और कहा कि इससे जान-माल का ख़तरा है. एक अलग वीडियो बयान में, मंत्री ने कहा, भारत नदियों का पानी जमा करता है और अचानक उसे छोड़ देता है. इकबाल ने इसे जल आक्रामकता का सबसे बुरा उदाहरण बताया और कहा कि कुछ मुद्दे विवादों और राजनीतिक मतभेदों से परे होते हैं. देशों को सभी मतभेदों को दरकिनार कर जल संसाधनों के मुद्दे पर सहयोग सुनिश्चित करना चाहिए.
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इंडिया पर लगाया आरोप
पाकिस्तानी (Pakistan) मंत्री ने भारत पर सूचना साझा न करने का आरोप लगाया और कहा कि नई दिल्ली ने प्राकृतिक आपदाओं को राजनीति का साधन बना लिया है. हालाँकि, इकबाल का दावा झूठा है, क्योंकि भारत ने पिछले रविवार को पाकिस्तान के साथ बाढ़ से जुड़ी जानकारी साझा की थी, लेकिन इसके लिए सिंधु जल संधि के तहत बनाए गए ढाँचे का इस्तेमाल नहीं किया गया और इसे कूटनीतिक माध्यमों से साझा किया गया.
पाकिस्तानी विशेषज्ञ ने उजागर की सच्चाई
अहसान इकबाल के दावे की पोल खुद एक पाकिस्तानी (Pakistan) विशेषज्ञ ने खोल दी है. पाकिस्तानी विशेषज्ञ रऊफ क्लासरा ने इस बाढ़ के असर को लेकर पाकिस्तान की शाहबाज शरीफ सरकार पर निशाना साधा है. क्लासरा ने कहा कि मंत्री इकबाल आज बाढ़ के लिए भारत को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि क्या भारत ने नदी के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में हाउसिंग सोसायटी बनाने को कहा था. भारत ने इन हाउसिंग सोसाइटियों के निर्माण के लिए नक्शे नहीं भेजे। क्लासरा ने इसके लिए पंजाब की लंबे समय से सत्ता में रही पीएमएल-एन सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया।