क्रिकेट की 5 सबसे बदनाम स्लेजिंग, जब सभी मर्यादा भूल गये क्रिकेटर, एक दूसरे की पत्नी को भी बोल गये गंदी बात
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क्रिकेट को जेन्टलमेन गेम कहा जाता है क्योंकि इसमें अक्सर खिलाड़ी एक-दूसरे के प्रति खेल भावना का परिचय देते हैं. मगर कभी-कभी इस खेल में भी कुछ ऐसा होता है जिससे इसकी छवि खराब हो जाती है. क्रिकेट के खेल में स्लेजिंग शब्द से तो आप सभी परिचित होंगे.

शुरुआती क्रिकेट के दिनों में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम अपने शानदार प्रदर्शन के लिए तो मशहूर थी ही बल्कि साथ ही वह अपनी स्लेजिंग के लिए भी काफी मशहूर थी. मगर अब तो सभी टीमों के खिलाड़ी, जब भी मौका मिलता है वह विपक्षी टीम को स्लेज करने का मौका नहीं छोड़ते.

तो आइए इस आर्टिकल में हम आपको क्रिकेट इतिहास के उन 5 स्लेजिंग के वाक्यो के बारे में बताते हैं जिसे हमेशा क्रिकेट में किया जाता है याद और आगे भी याद किया जाएगा.

           क्रिकेट इतिहास के 5 सबसे बदनाम स्लेजिंग

1- मंकी गेट, हरभजन सिंह-एंड्रयू साइमंड

स्लेजिंग

मंकीगेट विवाद विश्व क्रिकेट में काफी मशहूर स्लेजिंग विवाद रहा है. असल में 2008-2009 में भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी. बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के दौरान खेले गए सिडनी टेस्ट मैच में हरभजन सिंह ने बल्लेबाजी करने मैदान पर आए ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ी एंड्रयू साइमंड्स को बंदर कहा था.

इसके बाद ये विवाद काफी चर्चा में आया और हरभजन को अगले 3 मैचों के लिए बैन भी कर दिया गया. मगर बाद में हरभजन ने अपनी बात रखते हुए कहा था कि उन्होंने साइमंड को बंदर नहीं कहा था बल्कि जब वह उन्हें स्लेज कर रहे थे, तो भज्जी ने उन्हें अपनी भाषा में जवाब दिया था.

सचिन तेंदुलकर ने अपनी आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माय वे’  में इसका जिक्र किया है. उन्होंने लिखा कि इस प्रकरण को बेवजह तूल दिया गया. यदि तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग और मैच रैफरी माइक प्रॉक्टर चाहते तो यह मामला इतना बढ़-चढ़कर सामने नहीं आता.

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