किसी ने डाला दूसरे की पत्नी पर नजर तो खत्म हुआ इन क्रिकेटर का दोस्ताना
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‘जय वीरू’ जैसा था इन क्रिकेटरों का याराना, ‘दूसरे की बीवी पर डाली नजर तो खत्म हुआ दोस्ताना’

कहावत है कि खेल में लड़ाई झगड़े होते रहते हैं। पर यही छोटे छोटे झगड़े बड़ा रूप ले लेते हैं तो ये शख्स के साथ साथ टीम के लिए भी नुकसानदायक होते हैं।

नई दिल्ली- कहावत है कि खेल में लड़ाई झगड़े होते रहते हैं। पर यही छोटे छोटे झगड़े बड़ा रूप ले लेते हैं, तो ये शख्स के साथ साथ टीम के लिए भी नुकसानदायक होते हैं। भारतीय क्रिकेट के खिलाड़ियों में भी कई बार झगड़े की खबर सामने आ चुकी हैं। हाल ही में पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और कभी उनके सबसे अच्छे दोस्त रहे एमएस धोनी में भी विवाद की खबर सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार इसी वजह से रैना ने आईपीएल 2020 छोड़ दिया हैं। वैसे ये कोई पहली बार नहीं है इससे पहले भी कई क्रिकेटरों की आपस में लड़ाई हो चुकी है। आइए हम आपको टीम इंडिया के कुछ ऐसे ही खिलाड़ियों के बीच हुए विवाद के बारे में बताने जा रहे हैं।

सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़

राहुल द्रविड़ टीम के कप्तान थे। सौरव गांगुली को लगता था कि द्रविड़ कप्तान होते हुए भी, कोच ग्रेग चैपल के मामले में चुप रहते हैं। वर्ष 2011 में एक इंटरव्यू में गांगुली ने द्रविड़ को घेर ही लिया। गांगुली ने कहा- राहुल द्रविड़ ऐसे व्यक्ति हैं, जो चाहते हैं कि हर चीज ठीक से चलती रहे। वे जानते थे कि कई चीजें गलत हो रही थी, लेकिन उनमें चैपल से ये कहने की हिम्मत नहीं थी कि वे गलत कर रहे हैं।

रवि शास्त्री और सौरव गांगुली

वर्ष 2016 में बीसीसीआई ने कोच की चयन के लिए एक समिति का गठन किया था, जिसमें सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण थे। इस समिति की सिफ़ारिश पर अनिल कुंबले को भारतीय क्रिकेट टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया। कोच के लिए रवि शास्त्री ने भी इंटरव्यू दिया, ये इंटरव्यू वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ था क्योंकि शास्त्री बैंकॉक में थे।

शास्त्री के इंटरव्यू के दौरान गांगुली मौजूद नहीं थे। तो रवि शास्त्री ने कहा कि इंटरव्यू में न आकर गांगुली ने उनका अपमान किया है। जिसका गांगुली ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर मैं मौजूद नहीं था तो वे भी मौजूद नहीं थे। उन्हें बैंकॉक में छुट्टियाँ मनाने की बजाए इंटरव्यू के लिए भारत में मौजूद रहना चाहिए था।

अजहर पर अत्याचार का आरोप लगा सिद्धू लौटे थे भारत

एक समय टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज के तौर पर धूम मचाने वाले नवजोत सिद्धू के करियर में ऐसा मौका भी आया, जब वह विदेशी दौरा बीच में ही छोड़कर वापस लौट आए थे। सिद्धू 1996 में इंग्लैंड में चल रही सीरीज को बीच में छोड़कर भारत चले आए थे।

उन्होंने उस समय के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन से विवाद की वजह से यह कदम उठाया था। सिद्धू ने अजहर पर अत्याचार और बुरा व्यवहार करने का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में मोहम्मद अजहरुद्दीन ने संवाद की कमी को इस विवाद की वजह करार दिया था।

सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली

विनोद कांबली ने टीम से कई बार बाहर और अंदर हुए। लेकिन वह एक भी बार अपनी जगह पक्की करने में कामयाब नहीं हो पाए। कांबली ने बाद में आरोप लगाया कि उनके कप्तान, टीम के साथी, चयनकर्ता और क्रिकेट बोर्ड की वजह से उनका करियर बर्बाद हुआ।

एक टीवी शो में कांबली ने बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर के लिए भी कहा कि मुश्किल वक्त में सचिन ने उनका साथ नहीं दिया। सचिन ने अपनी रिटायरमेंट स्पीच में कांबली का नाम नहीं लिया था तो इसे लेकर भी कांबली दुखी नजर आए।

दिनेश कार्तिक और मुरली विजय

कहावत है अगर प्यार दोस्ती के बीच में आ जाए तो दोस्ती में दरार आ जाती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण दिनेश कार्तिक और मुरली विजय हैं। कभी ये दोनों पक्के दोस्त हुआ करते थे, लेकिन दोनों की दोस्ती उस वक्त खत्म हो गई जब दिनेश को पता चला कि उनकी पत्नी और मुरली विजय का अफेयर चल रहा हैं। इसको लेकर दिनेश और निकिता का तलाक हो गया। तलाक होने के बाद मुरली विजय ने निकिता से शादी कर ली।

 

 

 

 

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