कानपुर पुलिस ने क्यों जमींदोज किया विकास दुबे का घर, क्या कहती है कानूनी किताबें

कानपुर पुलिस ने किस आधार पर गिरा दिया विकास दुबे का घर, क्या कहती है कानूनी किताबें

कानपुर पुलिस ने गैंगस्टर विकास दुबे का घर ढहा दिया है जिसके बाद पुलिस की इस आनन-फानन की कार्रवाई के खिलाफ लोगों के सवाल खड़े हो गए हैं।

कानपुर: कानपुर देहात में गुरुवार रात पुलिसकर्मियों पर हमला कर 8 जवानों को शहीद करने वाले गैंगस्टर विकास दुबे के खिलाफ अब पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। विकास दुबे पर 1 लाख का ईनाम रखने समेत उसके परिवार से भी पूछताछ की जा रही है। इसी बीच पुलिस ने विकास दुबे के पैतृक घर को उसी जेसीबी से जमींदोज कर दिया जिसकी आड़ में उसने निहत्थे पुलिसकर्मियों की जान ले ली थी।

क्यों तोड़ा गया मकान

विकास दुबे का मकान तोड़ने को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं सोशल मीडिया से लेकर हर ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं‌। कानपुर के जिलाधिकारी पुलिस के आलाधिकारियों से भी यही सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर विकास दुबे के आतंक का किला क्यों ढहा दिया गया क्या कोर्ट से कोई आदेश था ? क्या वो गैर कानूनी थी ?या फिर और कोई वजह भी थी।

नहीं है कोई कानून

विकास दुबे का घर क्यों गिराया गया… ? इस मामले पर पुलिस के पास कोई जवाब नहीं है क्योंकि ऐसा कोई कानून ही नहीं है। इस मामले में उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी डॉक्टर विभूति नारायण राय ने कहा,

“यह तो निहायत ही ग़ैर-ज़िम्मेदाराना हरकत है. ऐसा किसी क़ानून में नहीं लिखा है कि कोई अपराधी है तो आप उसका घर गिरा दीजिए, गाड़ियां तोड़ दीजिए। यहां तक कि अभियुक्त का दोष साबित भी हो जाए तो भी आप ऐसा नहीं कर सकते हैं। आतंकवादी तक के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जाता है।”

राज्य सरकार का आदेश

विकास दुबे के घर को जमींदोज करने के मामले में डॉ राय ने कहा कि ऐसा कोई नयम नहीं है अभी तक इस मामले में कोई कोर्ट नहीं गया लेकिन अगर जाएगा तो ये मामला बहुत बढ़ सकता है और पेचीदा हो सकता है। ये जिला स्तर की कार्रवाई नहीं हो सकती इसके लिए यक़ीनन राज्य सरकार ने आदेश दिए होंगे।

बदले की भावना से हुई कार्रवाई

इलाहाबाद के वकील क्यू जैदी ने कहा कि कुर्की से लेकर नारकोटिक्स के मामले में भी कार्रवाई तब की जाती है जब कोर्ट आदेश देती है लेकिन जिस तरह से ये विकास दुबे का घर गिराया गया है इसका कोई आधार ही नहीं है जो ये साफ दर्शाता है कि ये केवल बदले की भावना के तहत किया गया है।

मिट सकते हैं साक्ष्य

ऐसा माना जा रहा है कि कानपुर के गैंगस्टर कांड के मुख्य अपराधी विकास दुबे के घर को जमींदोज करने पर सभी साक्ष्य भी मिट सकते हैं जो कि संभव भी है लेकिन इस मामले में पुलिस और प्रशासन का कहना है कि सारे जरूरी सबूत और दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं खबरें हैं कि जल्द ही विकास दुबे का लखनऊ के कृष्णानगर‌ स्थित आलीशान घर भी जमींदोज कर दिया जाएगा।

अपराधियों में खौफ का संदेश

दरअसल इस मामले में विकास दुबे के घर को तहस-नहस करके प्रशासन ये संदेश देना चाह रहा है कि राज्य में अपराध करने वालों का यही अंजाम होगा‌ जानकारों का मानना है कि ये कार्रवाई केवल अपराधियों के मन में खौफ स्थापित करने की मंशा से किया गया है। लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस प्रदेश सरकार को अपराध रोकने में असफल बताते हुए इस कारवाई को केवल अपराधियों के मन में डर बैठाने की मंशा बता रहे हैं।

 

 

 

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