परिजनों ने कहा- युवकों का आतंकवाद से नहीं है लेना देना
//

दिल्ली में पकड़े गये आतंकियों के परिजनों ने कहा वो दोनों आतंकी नहीं पुलिस उन्हें फंसा रही है

दिल्ली की स्पेशल पुलिस टीम ने जम्मू कश्मीर के दो युवकों को गिरफ्तार किया है, इनके पास से दो पिस्तौल और 10 गोलियां भी बरामद हुई हैं. पुलिस का मानना है कि, दोनों ही युवक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य हैं. गिरफ्तार करने के बाद जब इस बारे में जांच शुरू की गई तो पता चला कि, एक युवक जम्मू कश्मीर से सोपोर का रहने वाला है जिसका नाम अब्दुल लतीफ है. इसके अलावा दूसरे युवक की पहचान कुपवाड़ा के अशरफ खटाना के रूप में हुई.

दिल्ली में पकड़े गये आतंकियों के परिजनों ने कहा वो दोनों आतंकी नहीं पुलिस उन्हें फंसा रही है

परिजनों ने कहा, युवकों का आतंकवाद से नहीं है लेना देना

दोनों ही युवकों के परिजनों ने दिल्ली पुलिस के इस दावे को झूठा कहा है. दोनों युवकों के परिजनों ने जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह से अपने बच्चों को रिहा करवाने की गुहार भी लगाई. युवकों के परिजनों का मानना है कि, ”दोनों का आतंकवाद से कोई भी लेना देना नहीं है. दिल्ली पुलिस उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रही है”.

 

शादी की खरीदारी के लिए गया था दिल्ली- अशरफ के पिता

गिरफ्तार किए गए युवक अशरफ खटाना के पिता बशीर ने कहा है कि, ” मेरा बेटा 4 नवंबर को घर से बाहर दिल्ली गया था. 11 नवंबर को उसकी शादी थी, इसके लिए शॉपिंग करने के लिए वह दिल्ली गया. मेरी 5 नवंबर को अपने बेटे से आखरी बार बात हुई थी. बेटे ने कहा था कि, अगले दिन वह दिल्ली पहुंच जाएगा और सामान खरीद कर वापस भी आ जाएगा. लेकिन उसके बाद उसका कोई पता नहीं चला”. अब उन्हें पता चला कि, उनका बेटा जैश का सदस्य था और दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.

 

गिरफ्तारी के बाद टल गई शादी

बशीर अशरफ खटाना ने मांग की है कि, ” उनके बेटे के पुराने रिकॉर्ड चेक कर लिए जाएं. इससे साफ हो जाएगा कि, उसका आतंकवाद से कोई भी लेना देना नहीं है. इस तरह से गिरफ्तार होने के बाद उसकी शादी भी टल गई है और उसके ससुराल के लोग भी बेहद परेशान हो गए हैं “.

 

दिल्ली में पकड़े गये आतंकियों के परिजनों ने कहा वो दोनों आतंकी नहीं पुलिस उन्हें फंसा रही है

दोस्त के साथ निकला था बेटा-अब्दुल लतीफ के पिता

इसके अलावा दूसरे गिरफ्तार किए गए युवक अब्दुल लतीफ के पिता सन्नाउल्ला मीर का भी यही मानना है कि, ”उनका बेटा 4 नवंबर को अपने घर से दोस्त के साथ गया था. 6 नवंबर को बेटे से आखरी बार बात हुई थी. जिसके बाद उन्हें टीवी के जरिए पता चला कि, पुलिस ने अब्दुल को गिरफ्तार कर लिया है. उनके बेटे का आतंकवाद से कोई भी लेना देना नहीं है. वह नमाज पढ़ने वाला साधारण बच्चा है, दिल्ली पुलिस उसे फंसा रही है”.

दिल्ली पुलिस की सोची समझी साजिश है- अब्दुल लतीफ के पिता

युवक के पिता का कहना है कि, ” यह पूरी एक सोची समझी साजिश है, जिसके तहत उनके बेटे को दिल्ली पुलिस द्वारा फसाया जा रहा है. इतने दिनों बाद लापता होने पर एकदम से उन्हें बताया जा रहा है कि, उनका बेटा हथियारों के साथ पकड़ा गया . आखिर इतने दिन तक उसे कहां पर रखा गया था, इसकी भी जानकारी नहीं दी जा रही है. उसका फोन भी बंद आ रहा था”.

मेरा नाम उर्वशी श्रीवास्तव है. मैं हिंद नाउ वेबसाइट पर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्य करती हूं. वैसे तो मुझे ऑनलाइन वेब पर हर बिट्स की खबर पर काम करना पसंद है, लेकिन मेरा रुझान मनोरंजन और करंट अफेयर की खबरों पर ज्यादा रहता है. इसके अलावा मुझे देश-विदेश से जुड़ी हर खबरों पर नजर रखना और जानकारी लेना पसंद है.