बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत मामले में मुंबई पुलिस और सरकारी वकील को लगाई फटकार

बॉलीवुड की खूबसूरत और बेबाक अभिनेत्री कंगना राणावत और उनकी बहन रंगोली चंदेल के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप लगाए गए थे, साथ ही दोनों बहनों पर आईपीसी की धारा 124 ए के तहत केस भी दर्ज करवाया गया था, जिस पर मंगलवार को सुनवाई की गई है.

मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज करवाए गए इस मामले को लेकर मुंबई हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस के साथ-साथ सरकारी वकील की बातों को नकारते हुए कंगना और रंगोली के खिलाफ गिरफ्तारी समेत कई अन्य तरह के बलपूर्वक कार्यवाही पर अंतरिम सुरक्षा का अनुदान दे दिया है. साथ ही मुंबई पुलिस और सरकारी वकील को फटकार भी लगाई है.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत मामले में मुंबई पुलिस और सरकारी वकील को लगाई फटकार

8 से 12 जनवरी के बीच ही दोपहर 2:00 बजे बांद्रा पुलिस के सामने पेश होंगी कंगना और रंगोली

कंगना राणावत और उनकी बहन रंगोली चंदेल की याचिका पर मुंबई हाई कोर्ट के जस्टिस एसएस शिंदे और एमएस कर्णिक की खंडपीठ ने सुनवाई की थी, जिसमें मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर कंगना और रंगोली के खिलाफ मामला दर्ज करने और जांच करने के आदेश दिए गए थे.

कंगना और रंगोली के वकील रिजवान सिद्दीकी ने कोर्ट के सामने कहा कि,

”8 से 12 जनवरी के बीच ही दोपहर 2:00 बजे बांद्रा पुलिस के सामने कंगना और रंगोली पेश होगी. दोनों ही बहनें अपना बयान भी दर्ज करेंगी”.

कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी के बयान और रिकॉर्ड को मुंबई हाई कोर्ट ने स्वीकार किया. इस मामले को लेकर हाईकोर्ट ने कहा है कि जांच आगे भी जारी रहेगी.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत मामले में मुंबई पुलिस और सरकारी वकील को लगाई फटकार

कास्टिंग डायरेक्टर मुनव्वर अली सैयद ने दर्ज़ करवाई थी एफ आई आर

दरअसल पिछले महीने बॉलीवुड के कास्टिंग डायरेक्टर और फिटनेस ट्रेनर मुनव्वर अली सैयद ने कंगना राणावत और रंगोली चंदेल के खिलाफ सोशल मीडिया और टीवी चैनल पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप लगाए थे. उन्होंने दोनों बहनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए में एफ आई आर भी दर्ज करवाई थी. इस मामले को लेकर अब हाईकोर्ट में सुनवाई हो चुकी है और कोर्ट का फैसला भी आ गया है.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत मामले में मुंबई पुलिस और सरकारी वकील को लगाई फटकार

मुंबई पुलिस और सरकारी वकील को लगाई गई फटकार

कंगना के वकील ने कोर्ट में कहा था कि, मुंबई पुलिस समेत कोई भी अन्य तरह से बलपूर्वक एक्शन दोनों बहनों के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की बात सुनी थी और कहा कि, आईपीसी की धारा 124 ए के तहत हर शिकायत में आम बात है. हम अपने देश के नागरिकों को किस तरह से पेश कर रहे हैं.

कोर्ट ने कहा कि,

”सभी धाराओं की बात तो ठीक है, लेकिन कंगना और रंगोली के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए क्यों लगाई गई है? इन सभी बातों को लेकर खंडपीठ ने मुंबई पुलिस और सरकारी वकील को फटकार लगाई”.

कोर्ट ने कंगना और रंगोली के खिलाफ गिरफ्तारी समेत कई अन्य तरह के बलपूर्वक कार्यवाही पर अंतरिम सुरक्षा का अनुदान दिया है.

Urvashi Srivastava

मेरा नाम उर्वशी श्रीवास्तव है. मैं हिंद नाउ वेबसाइट पर कंटेंट राइटर के तौर पर...