इन 9 किरदारों के कारण शाहरुख –काजोल की फिल्म हुई थी सुपरहिट
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कुछ कुछ होता है: इन 9 किरदारों के कारण शाहरुख –काजोल की फिल्म हुई थी सुपरहिट

फिल्म कुछ कुछ होता है को अब 22 साल हो गए है। इस मौके पर करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो ट्वीट किया। ट्वीट वीडियो में फिल्म के यादगार सीन्स को दिखाया गया है। पोस्ट में उन्होंने शाहरुख खान, काजोल, रानी मुखर्जी, करण जौहर और अप्रूव मेहता को टैग किया।

अनुपम ने ट्वीट कर जताई नाराजगी

करण के इस पोस्ट में उन्होंने सबको टैग किया, लेकिन अनुपम खेर ट्वीट में खुदको टैग ना देखते हुए धर्मा को ताना मार दिया। अनुपम खेर ने ट्वीट कर कहा हम भी थे फिल्म में दोस्त। हम को भी टैग कर दिया होता। खैर…फिल्म का हिस्सा रहकर खुशी हुई।

मुख्य किरदारों के अलावा

फिल्म में बहुत से किरदार हैं, जिनकें द्वारा फिल्म में जान आई है।ये फिल्म अपने समय की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक थी। शाहरुख, काजोल और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिका में है,लेकिन इनके अलावा और भी कई अहम किरदार थे, जिन्होंने इस फिल्म को वो बनाया, जो ये आज है। हम आपको उन्हीं एक्टर्स के बारे में बता रहे हैं।

अनुपम खेर

अनुपम खेर ने फिल्म कुछ कुछ होता है में टीना मल्होत्रा (रानी मुखर्जी) के पिता और कॉलेज के प्रिंसिपल मल्होत्रा का किरदार निभाया था। प्रिंसिपल मल्होत्रा एक बेहद चुलबुले इंसान थे, जो प्रोफेसर ब्रिगैंजा पर फिदा थे। प्रिंसिपल मल्होत्रा की बदौलत ही राहुल और टीना मिले थे।

अर्चना पूरण सिंह

अर्चना ने इस फिल्म में मिस ब्रिगैंजा का रोल निभाया था। मिस ब्रिगैंजा ही राहुल से प्यार और दोस्ती की परिभाषा पूछती हैं, उन्हीं की क्लास में राहुल का जवाब सुनकर अंजलि उसके प्यार में पड़ जाती है।

फरीदा जलाल

फरीदा जलाल ने इस फिल्म में राहुल खन्ना की मां सविता खन्ना उर्फ दादी का किरदार निभाया था। दादी ही छोटी अंजलि की मदद समर कैंप जाने में करती हैं और वहां बच्चों संग खूब मस्ती भी करती है। साथ ही दादी छोटी अंजलि की मदद राहुल और अंजलि को एक करने में भी करती है।

सलमान खान

सलमान खान ने इस फिल्म में काजोल के किरदार अंजलि के मंगेतर अमन का रोल निभाया था। अमन की वजह से अंजलि और राहुल एक हुए थे।

सना सईद

एक्ट्रेस सना सईद ने फिल्म कुछ कुछ होता है में राहुल (शाहरुख खान) और टीना (रानी मुखर्जी) की बेटी अंजलि का किरदार निभाया था। अंजलि एक चुलबुली बच्ची थी जो अपने पापा का ख्याल रखने के साथ-साथ उन्हें तंग भी करती थी। वो अंजलि ही थी, जिसने अपने पिता राहुल और उनकी दोस्ती अंजलि  का दोबारा मिलन करवाया था।

परजान दास

इस फिल्म के सबसे प्यारे सदस्य थे परजान दास, जिन्होंने अंजलि (सना सईद) के समर कैंप वाले दोस्त का किरदार निभाया था। छोटू से सरदार के रोल में परजान बेहद क्यूट लगे थे। उनके पास पूरी फिल्म में एक ही डायलॉग था। उनका काजोल के किरदार अंजलि को कहना- ‘तुस्सी जा रहे हो? तुस्सी ना जाओ’ बेहद फेमस हुआ था। इस डायलॉग के लिए आज भी परजान को याद किया जाता है।

हिमानी शिवपुरी

हिमानी शिवपुरी ने इस फिल्म में रिफत बी का किरदार निभाया था। अपना प्यार अधूरा रह जाने के बाद अंजलि, रिफत बी के गले लगकर रोती है और उन्हें बताती है कि वो शहर छोड़कर अपनी मां के पास वापस जा रही है। अंजलि की राहुल के लिए फीलिंग्स को भी रिफत बी ने ही सपोर्ट किया था।

रीमा लागू

कुछ कुछ होता है कि रीमा लागू ने अंजलि (काजोल) की मां का रोल निभाया था। उनका किरदार फिल्म में छोटा सा ही था, लेकिन उन्हें बहुत पसंद किया गया था।