50 रुपये के लिए दर दर भटकने वाले जेठा लाल, आज 1 एपिसोड के लेते हैं इतने रूपये

टीवी जगत के जेठा लाल यानि का दिलीप जोशी को आज की डेट में कौन नहीं जानता है। बच्चे बच्चे के जुबान पर उनका नाम होता है। हालांकि ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में उनका किरदार जेठालाल इतना लोकप्रिय है कि ज्यादातर लोग उन्हें जेठालाल के नाम से ही जानते हैं। दिलीप जोशी का नाम टीवी के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में आता है। तो चलिए जानते हैं टीवी के जेठालाल की असल जिन्दगी के बारे में :-

यहां से हुई शुरुआत

50 रुपये के लिए दर दर भटकने वाले जेठा लाल, आज 1 एपिसोड के लेते हैं इतने रूपये

दिलीप जोशी का जन्म 26 मई 1968 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। दिलीप जोशी की पत्नी का नाम जयमाला जोशी है। दिलीप जोशी के दो बच्चे हैं। दिलीप जोशी की बेटी का नाम नियति जोशी है। दिलीप जोशी के बेटे का नाम रित्विक जोशी है।दिलीप जोशी ने अपनी स्कूली शिक्षा गुजरात में ही पूरी की है। इसके बाद दिलीप जोशी ने मुंबई के एनएम कामर्स कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई की है। अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद दिलीप जोशी फिल्म अभिनेता बनने के लिए ऑडिशन देने लगे।

साल 1989 में दिलीप जोशी को सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ में रामू नौकर का किरदार निभाने का मौका मिला। इसके बाद 1992 ने दिलीप जोशी ने गुजराती फिल्म ‘हूं हुंशी हुंशिलाल’ में काम किया। दिलीप जोशी ने सूरज बड़जात्या की ही दूसरी फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ में भोला का किरदार निभाया था।

50 रुपये के लिए दर दर भटकने वाले जेठा लाल, आज 1 एपिसोड के लेते हैं इतने रूपये

इतनी सुपरहिट फिल्मों में काम करने के बाद भी दिलीप जोशी को काम के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। फिल्मों में काम करने के लिए दिलीप जोशी लगातार ऑडिशन देते रहे। दिलीप जोशी ने अपने करियर में यश, सर आंखों पर, फिर भी दिल है, हन्दुस्तानी खिलाड़ी 420, वन टू का फोर, दिल है तुम्हारा, फ़िराक़ डॉन मुत्तु स्वामी, what’s your rashee? और ढूंढते रह जाओगे जैसी फिल्मों में काम किया है।

अपने से बताई पूरी कहानी

50 रुपये के लिए दर दर भटकने वाले जेठा लाल, आज 1 एपिसोड के लेते हैं इतने रूपये

हाल ही में दिलीप ने एक इंटरव्यू में अपने स्ट्रगल के बारे में बात की थी. उन्होंने कहा- मैंने एक बैकस्टेज आर्टिस्ट के तौर पर काम शुरू किया था. कोई भी मुझे रोल देने के लिए तैयार नहीं था. मुझे प्रति भूमिका 50 रुपये मिलते थे, लेकिन थिएटर करते रहने का जुनून सवार था. ”अगर वो बैकस्टेज रोल भी था तो मैंने कभी परवाह नहीं की. मैं थिएटर के साथ रहना चाहता था. जनता का लाइव रिएक्शन अमूल्य है. आपके जोक्स पर एक साथ 800-1000 लोगों की ताली और हंसी अनमोल होती है.”

Shukla Divyanka

मेरा नाम दिव्यांका शुक्ला है। मैं hindnow वेब साइट पर कंटेट राइटर के पद पर कार्यरत...