कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किले, कर्नाटक में एफआईआर हुआ दर्ज
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कंगना की बढ़ी मुश्किले, कर्नाटक अदालत ने पुलिस को दिया एफआईआर करने का आदेश

कर्नाटक के तुमकुरु जिले की एक अदालत ने किसानों की बेईज्जती के मामले में शुक्रवार को पुलिस को निर्देश दिया कि कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसानों को कथित रूप से निशाना बनाकर किये गए ट्वीट के लिये कंगना के खिलाफ एफआईआर की जाए. प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने वकील रमेश नाइक द्वारा दाखिल शिकायत के आधार पर क्याथासंदरा थाने के निरीक्षक को रनौत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया.

अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत शिकायत दाखिल की है. क्याथासंदरा के निवासी नाइक ने कहा कि उनकी ओर से दी गई आपराधिक शिकायत पर अदालत ने इलाके के थाने को अभिनेत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने और मामले की जांच करने का निर्देश दिया है.

बांबे हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में लागू कृषि विधेयकों के संबंध में एक ट्वीट किया था, जिसे रीट्वीट करते हुए रनौत के ट्विटर हैंडल ”कंगना टीम” से 20 सितंबर को ट्वीट किया गया था, ”प्रधानमंत्री जी, कोई सो रहा हो उसे जगाया जा सकता है, जिसे ग़लतफ़हमी हो उसे समझाया जा सकता है मगर जो सोने का अभिनय करे, ना समझने का अभिनय करे उसे आपके समझाने से क्या फ़र्क़ पड़ेगा? ये वही आतंकी हैं.

सीएए (संशोधित नागरिकता कानून) से एक भी इंसान की नागरिकता नहीं गयी मगर इन्होंने ख़ून की नदियां बहा दीं.” वकील रमेश नाइक ने कहा कि इस ट्वीट से उनकी भावनाओं के ठेस पहुंची, जिसके बाद उन्होंने रनौत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का फैसला लिया.

 कंगना के ट्वीट की हुई आलोचना

कंगना के इस ट्वीट की आलोचना हो रही है. इसके बार में कंगना ने 21 सितंबर को सफाई दी. उन्होंने कहा ट्वीट किया था कि ”जैसे श्री कृष्ण की नारायणी सेना थी, वैसे ही पप्पु की भी अपनी एक चंपू सेना है जो की सिर्फ़ अफ़वाहों के दम पे लड़ना जानती है, यह है मेरा ऑरिजिनल ट्वीट अगर कोई यह सिद्ध करदे की मैंने किसानों को आतंकी कहा, मैं माफ़ी मांगकर हमेशा केलिए ट्वीटर छोड़ दूँगी.”