ये डॉक्टर दंपत्ति मात्र 1 रूपये में करते हैं लोगों का इलाज, अमिताभ बच्चन ने किया सैल्यूट

अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किए जाने वाला शो कौन बनेगा करोड़पति हर बार अपने एक विशेष कारण से जनता की सुर्खियां बटोरता ही रहता है. इस शो में जहां कुछ लोग अपनी किस्मत को चमकाने आते हैं, तो वही कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिनके अच्छे काम के बारे में इस शो के जरिए दुनिया को पता चलता है. आज हम अपने इस आर्टिकल में एक ऐसे ही इंसान के बारे में बात करेंगे,  जिन्होंने देश और समाज दोनों के कल्याण के लिए बहुत खास कदम उठाए हैं. आइए जानते हैं इस शख्स की कहानी और काम……

अमिताभ भी करेंगे सलाम

ये डॉक्टर दंपत्ति मात्र 1 रूपये में करते हैं लोगों का इलाज, अमिताभ बच्चन ने किया सैल्यूट

कौन बनेगा करोड़पति के शो में इस बार कर्मवीर स्पेशल एपिसोड होगा. इसमें एक दंपति नजर आएंगे. इस बुजुर्ग दंपति के काम को देख कर खुद बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन भी इनको सलाम किया. आपको बता दें कि केबीसी के कर्मवीर स्पेशल एपिसोड में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित डॉ रविंद्र कोल्हे और पद्मश्री सम्मान से सम्मानित डॉ स्मिता कोल्हे नज़र आने वाले है. इस शो का प्रोमो शो के चैनल ने सोशल  मीडिया पर शेयर किया है.

किसानों के प्रति किया ऐसा काम

ये डॉक्टर दंपत्ति मात्र 1 रूपये में करते हैं लोगों का इलाज, अमिताभ बच्चन ने किया सैल्यूट

सोनी टीवी चैनल ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कर्मवीर स्पेशल एपिसोड का एक वीडियो प्रोमो जारी किया है. इस प्रोमो में रविंद्र कोल्हे और स्मिता कोल्हे की जिंदगी के बारे में छोटी सी झलक दिखाई गई है, जिसमें वह दोनों मरीजों और किसानों के प्रति अपने सेवा को बताते हुए दिखाई दे रहे हैं.

शो के प्रोमों को शेयर करते हुए लिखा गया कि ‘पद्मश्री डॉ. रविंद्र कोल्हे और पद्मश्री डॉ. स्मिता कोल्हे कई सालों से ग्रामीण आदिवासी समुदाय की चिकित्सा और देखभाल में लगे हुए हैं.’ गौरतलब है कि डॉ. रविंद्र कोल्हे और डॉ. स्मिता कोल्हे पिछले 32 सालों से गरीबों और किसानों की सेवा कर रहे हैं. वह लोगों का इलाज करने के लिए महज एक रुपये फीस लेते हैं.

1 रुपये में करते हैं इलाज

आपको बता दें कि रविंद्र कोल्हे और स्मिता कोल्हे महाराष्ट्र के अमरावती जिले में रहते हैं. वह कई वर्षों से मेलघाट क्षेत्र के बैरागढ़ में आदिवासी समुदाय की सेवा कर रहे हैं. उन्होंने मात्र एक रुपये से मरीजों का इलाज करना शुरू किया था. डॉक्टरी मदद के अलावा रविंद्र कोल्हे और स्मिता कोल्हे ग्रामीणों के बीच जागरुकता फैलाते हैं. उनके इस प्रयास की वजह से उनके क्षेत्र में बच्चों की मृत्यु दर में काफी कमी आई है.

Shukla Divyanka

मेरा नाम दिव्यांका शुक्ला है। मैं hindnow वेब साइट पर कंटेट राइटर के पद पर कार्यरत...