रिद्धिमा कपूर

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर ऋषि कपूर और नीतू कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी एक लोकप्रिय फैशन और ज्वैलरी डिजाइनर हैं. रिद्धिमा अकसर अपने कलेक्शन से जुड़ी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर काफी शेयर करती रहती हैं. इसके अलावा क्या आप जानते हैं रिद्धिमा कपूर को 16 वर्ष की उम्र से ही फिल्मों के ऑफर मिलने शुरू हो गए थे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपना करियर फिल्मों से अलग चुना था.

दरअसल, इस बात का खुलासा खूद रिद्धिमा ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में किया है. इस इंटरव्यू में रिद्धिमा ने बताया कि उन्हें एक या दो नहीं बल्कि कई फिल्मों के ऑफर मिले, लेकिन उस वक्त वह लंदन में पढ़ाई कर रही थीं. वहीं उन्होंने इस इंटरव्यू में बताया कि बॉलीवुड में कदम न रखने की असल वजह क्या थी. तो आइए  इस आर्टिकल को आगे बढ़ाते हुए हम जानेंगे किस वजह से रिद्धिमा कपूर ने फिल्मी सफर से किया था इनकार..

फैशन जूलरी डिजाइनर हैं रिद्धिमा कपूर

16 साल की उम्र में ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा को मिले थे फिल्म ऑफर, इस वजह से क दिया था एक्ट्रेस बनने से इंकार

टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ हाल ही में हुई बातचीत में रिद्धिमा कपूर ने बताया कि वह एक अच्छी शेफ बन चुकी हैं. लॉकडाउन का ज्यादातर समय वह कुकिंग को दे रही हैं. रिद्धिमा कहती हैं कि मैं पहले फैशन डिजाइनर थी, बाद में मैंने जूलरी में भी किस्मत आजमानी शुरू की और लोगों ने जब मेरे डिजाइन्स पसंद किए तो मुझे उम्मीद मिली और इन्ट्रेस्ट आने लगा. इसके बाद मैंने एक किसी के साथ पार्टनरशिप में काम भी किया और साल 2015 से हम इस बिजनेस में अच्छा कर रहे हैं. अगर मैं यह नहीं करती तो शायद एक अच्छी योग टीचर या शेफ होती.

एक्टिंग के सवाल पर रिद्धिमा ने कहा..

16 साल की उम्र में ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा को मिले थे फिल्म ऑफर, इस वजह से क दिया था एक्ट्रेस बनने से इंकार

इंटरव्यू में जब रिद्धिमा से उनके फिल्मी करियर को लेकर सवाल हुए तो उन्होनें कहा कि

“एक्टिंग, कहां से करूं एक्टिंग? जब मैं लंदन में थी तो मुझे कई फिल्मों के ऑफर्स मिले, लेकिन मैंने इनके बारे में कभी सोचा ही नहीं. न ही ध्यान दिया. हां, मैंने परिवार संग इस बारे में जरूर बात की. जब लंदन से वापस आई तो मेरी शादी हो गई. जब मैं पढ़ाई कर रही थी तो मुझे याद है, मां जब भी मुझसे मिलने लंदन आती थीं तो बताती थीं कि मेरे लिए फिल्म के ऑफर्स आ रहे हैं. मैं यह सब सुनकर सोचती थी कि मुझे इससे आखिर मिलेगा क्या, क्योंकि मैं केवल उस दौरान 16-17 साल की थी. मैं पढ़ाई पर पूरी तरह ध्यान देना चाहती थी जो मैंने किया भी.”