काला हिरण शिकार मामले में सलमान की बढ़ी मुश्किलें, नाराज जज..
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काला हिरण शिकार मामले में सलमान की बढ़ी मुश्किलें, नाराज जज ने सुनाया ये फैसला

काला हिरण शिकार और आर्म्स एक्ट मामले में अभिनेता सलमान खान को जोधपुर की जिला एवं सेशन कोर्ट ने 28 सितंबर को पेश होने के आदेश दिए हैं।

जोधपुर- काला हिरण शिकार और आर्म्स एक्ट मामले में अभिनेता सलमान खान को जोधपुर की जिला एवं सेशन कोर्ट ने 28 सितंबर को पेश होने के आदेश दिए हैं। सोमवार को सलमान की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई पूरी नहीं हो पाई। इसके बाद कोर्ट ने सलमान को अगली सुनवाई तिथि पर हाजिर होने का आदेश दे दिया।

शिकार की घटना के दौरान सलमान के पास हथियार पाए गए थे, जिनका लाइसेंस खत्म चुका था। इस पर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट का एक मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में सलमान को बरी कर दिया था। अब इसके खिलाफ सरकार की ओर से जिला एवं सेशन जिला जोधपुर जज की कोर्ट में एक अपील पेश की गई थी जिस पर सुनवाई लंबित थी।

28 सितंबर को मामले में शुरू होनी है बहस

आपको बता दें कि सलमान खान ने पहले कोर्ट में हाजिरी माफी की अपील की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। लेकिन कुछ वक्त से वो माफी हाजरी लगा रहे हैं और कहा जा रहा है कि इससे जज काफी नाराज हैं।

जोधपुर में फिल्म अभिनेता सलमान खान से जुड़े कांकाणी हिरण शिकार मामले व आर्म्स एक्ट मामले में जोधपुर जिला एवं सेशन जिला जोधपुर जज राघवेंद्र कच्छवाह की कोर्ट में सुनवाई लंबित थी। इसके तहत सलमान की ओर से उनके अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत कोर्ट में मौजूद थे।

इसके अलावा सरकार की ओर से पीपी मगाराम कोर्ट में मौजूद थे , जिस पर कोर्ट ने स्पष्ट हिदायत देते हुए कहा कि आगामी 28 सितंबर को मामले में बहस शुरू करनी है। साथ ही इस दौरान कोर्ट ने सलमान खान को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए।

ये था पूरा मामला

आपको बता दें कि साल 1998 में सलमान खान फिल्म हम साथ-साथ है की शूटिंग के दौरान जोधपुर पहुंचे थे। उन पर शहर से सटे कांकाणी गांव की सरहद में प्रतिबंधित दो काले हिरणों का शिकार करने का आरोप लगा था। लंबी सुनवाई के बाद उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई

जबकि दूसरे आरोपी सैफ अली खान, अभिनेत्री नीलम, तब्बू और सोनाली बेंद्रे को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। जिसके खिलाफ सरकार व विश्नोई समाज की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में अपील कर रखी है। वहीं अपनी सजा के खिलाफ सलमान खान ने ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दे रखी है। इस मामले ने उस दौरान खूब सुर्खियां बटोरीं थीं।