संजीत यादव केस में मानव तस्करी का एंगल, पिता को है ये शक
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संजीत यादव के केस में हुआ मानव तस्करी का खुलासा, पिता को है ये शक

उत्तर प्रदेश में लगातार अपहरण और हत्या के मामले सामने आ रहे हैं। कानपुर का संजीत हत्याकांड भी ऐसा ही एक खौफनाक अपराध था। इसको लेकर अब पुलिस सघन जांच में जुट गई है जिसमें कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की जांच में मानव तस्करी का मामला भी सामने आ रहा है जो बेहद चौंकाने वाला हो सकता है। दरअसल इस मामले में मानव तस्करी के मास्टरमाइंड का नाम सामने आया है जो लोगों को बड़ी रकम देकर खरीद लेता था।

हो सकती थी मानव तस्करी

पुलिस की जांच में आरोपी नीलू और सिम्मी ने बताया कि वह लोग संजीत को मारने वाले थे, लेकिन चीता नाम के एक शख्स ने उन्हें ना मारने पर 30 लाख रुपए देकर संजीत यादव को उसके अलावा हवाले करने की बात कही थी। लेकिन जब इन दोनों को पता चला कि अभी चीता के पास पैसे नहीं है, तो उनके ऊपर खून सवार हो गया और उन्होंने संजीत यादव को मार दिया।

पिता को है यह आशंका

इन दोनों आरोपियों के बयानों से साफ हो गया कि चीता नाम का शख्स एक बड़ा मानव तस्कर है जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों की खरीद फरोख्त और तस्करी करता है। जिसके बाद चीता को पकड़ने के लिए पुलिस ने अपनी टीमें में लगा दी हैं। वह इस मामले में संजीत यादव के पिता चमन सिंह को यह आशंका है किन आरोपियों ने संजीत यादव को चिता के हाथों बेच दिया है।

संजीत यादव के हत्याकांड को लेकर पिता को शक है कि आरोपियों ने मानव तस्करी के तहत संजीत यादव को चीता को बेच दिया है और उसे मारा नहीं है। उनका कहना है कि जिस वक्त संजीत यादव की लाश पांडु नदी में डाली गई थी, उस वक्त पानी बहुत कम था जिसके चलते लाश बहकर नहीं जा सकती। ऐसे में वह पिता पूरे यकीन के साथ कह रहे हैं कि आरोपियों ने उनके लड़के को बेच दिया है।

पूरी रकम का लालच

इस मामले में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ है संजीत यादव हत्याकांड में फिरौती को लेकर जो पेंच फंसा हुआ था वह एक आरोपी की ही कारस्तानी थी। दरअसल आरोपियों में राम जी नाम का एक शख्स अपने दोस्तों के साथ उस दिन फिरौती की रकम लेने गया था और पूरी रकम लेकर वहां से फुर्र हो गया वह पूरी रकम अकेले ही साफ करना चाहता था।