शाहरुख से शादी के लिए गौरी ने अपनाया था इस्लाम रखा था ये नाम
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शाहरुख खान से शादी के लिए गौरी ने अपनाया था इस्लाम, रखा था ये नाम

मुंबई: बॉलीवुड के किंग खान यानी की शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान की लव स्टोरी  बॉलीवुड में सबसे ज्यादा चर्चित है। शाहरुख खान की पहली चाहत गौरी खान गुरुवार को अपना 50वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। इतनी उम्र होने के बावजूद भी वह काफी खूबसूरत और मोहक दिखती हैं। आज गौरी खान का नाम देश की बड़ी इंटीरियर और फैशन डिजाइनरों में गिना जाता है।

शाहरुख खान और गौरी खान दोनों 29 साल से एक साथ हैं। बॉलीवुड में इन दोनों का नाम सबसे बेस्ट और प्यारे कपल में लिया है। वहीं लोगों को भी इनकी जोड़ी बेहद पसंद आती है। आज हम आपको गौरी खान के 50 वें जन्मदिन के मौके पर दोनों के कुछ मशहूर और अनसुने किस्से के बारे में बताते हैं।

यूं मिले थे गौरी और शाहरुख

शादी से पहले गौरी खान का पूरा नाम गौरी छिब्बर था। गौरी का जन्म दिल्ली के पास होशियारपुर में एक पंजाबी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। गौरी की शुरुआती पढ़ाई लोरेटो कन्वेंट स्कूल से हुई, बाद में उन्होंने मॉडर्न स्कूल में दाखिला ले लिया था। गौरी ने लेडी श्रीराम कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की है।

बताया जाता है कि शाहरुख खान से गौरी की पहली मुलाकात कॉलेज के दिनों ही में हुई थी। दोनों एक दूसरे से दिल्ली के पंचशील क्लब में मिले थे। वहीं शाहरुख ने जब पहली बार गौरी को क्लब में देखा, तो वह उनसे बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए थे। इसके बाद धीरे-धीरे शाहरुख खान गौरी से मिलने के मौकों की तलाश में रहने लगे।

लव स्टोरी की शाहीन

बता दें कि, तीसरी मुलाकात में शाहरुख खान ने गौरी से बातचीत की थी और उनके घर का फोन नंबर भी ले लिया था।संयुक्त परिवार से तालुक रखने वाली गौरी के लिए शाहरुख से फोन पर बात करना इतना भी आसान नहीं था। जिसके लिए शाहरुख खान को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। वह अपनी किसी महिला दोस्त से गौरी के घर पर फोन करवाते थे और फिर उनसे बात करने की इच्छा जाहिर करते।

बताया जाता है कि गौरी के सामने हर बार अपना परिचय न देना पड़े, इसके  लिए वह जिस भी दोस्त से फोन करवाते थे, उसे अपना नाम ‘शाहीन’ बताने के लिए कहते थे। इन दोनों के लिए यह एक ऐसा कोड वर्ड था, जिसे गौरी हमेशा पहचान लेती थीं और दौड़ कर शाहरुख से बात करने के लिए फोन पर आ जाती थीं।

गौरी को लेकर शाहरुख हो गए थे परेशान

गौरी अपना ग्रेजुएशन पूरा कर नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी में फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करने लगी थीं। गौरी  शाहरुख से प्यार तो करती थीं, लेकिन अलग धर्म धर्म होने के कारण उनको अपन परिजनों का भी डर था।इसी बीच शाहरुख अपने करियर की ओर बढ़े। उन दिनों वह धारावाहिकों ‘दिल दरिया’, ‘फौजी’ और ‘दूसरा केवल’ में काम करने लगे। एक इंटरव्यू में शाहरुख ने कहा कि जब गौरी अपने बालों को खुला छोड़तीं थीं, तो बहुत खूबसूरत लगती थीं। वह नहीं चाहते थे कि दूसरे लड़के भी उन्हें देखें।

बर्थडे पर जताया था प्यार

बताया जाता है कि शाहरुख के अंदर गौरी को लेकर काफी असुरक्षा की भावना आ गई थी। इन सब चीजों को लेकर गौरी को काफी घुटन सी होने लगी थी। लेकिन, शाहरुख गौरी से बहुत प्यार करते थे। गौरी के 19वें जन्मदिन पर शाहरुख ने अपने कमरे को बहुत अच्छे से सजाया।

वहीं जब गौरी शाहरुख से मिलने उनके घर गईं, तो कमरे को सजा हुआ देखकर वह शाहरुख के प्यार को समझ गईं।गौरी उसी वक्त फूट-फूट कर रोने लगीं और वहां से चली गई। वहीं अगले दिन शाहरुख को पता चला कि गौरी ने दिल्ली छोड़ दिया है, जिससे वह बेहद परेशान रहने लगे।

गौरी को खोजने मुंबई पहुंचे शाहरुख

जब शाहरुख को किसी तरह पता चला कि गौरी मुंबई में है, तो वह गौरी की खोज में दिल्ली से मुंबई की ओर निकल पड़े। जहां शाहरुख ने गौरी को काफी खोजने खीजने का प्रयास किया, लेकिन गौरी का पता नहीं चल सका। वहीं एक दिन जब शाहरुख गोराई बीच से वापस लौट रहे थे, तो उनकी नजर गौरी पर पड़ी। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं गौरी ने जब शाहरुख को देखा, तो वह दौड़ कर उनके पास आ गईं और गले लगा कर खूब रोईं।

जिसके बाद शाहरुख मुंबई से वापस दिल्ली लौट आए और अपने टीवी धारावाहिकों में काफी व्यस्त हो गए। धारावाहिक ‘फौजी’ में अभिमन्यु का निभाया उनका किरदार काफी लोकप्रिय हुआ और दिल्ली में उन्हें लोग चेहरे से जानने लगे थे। उनके कुछ प्रशंसक तो गौरी के परिवार के लोग भी थे। वहीं गौरी के परिवार वालों को इस बात का पता चल चुका था कि गौरी किसी मुस्लिम लड़के को पसंद करती हैं।

गौरी के चाचा ने सुझाई थी ये तरकीब

उस वक्त शाहरुख को धारावाहिक सर्कस में काम करने का मौका मिला। इसके लिए उन्हें मुंबई जाना था। लेकिन गौरी चाहती थीं कि शाहरुख कोई नौकरी करें, अभिनय नहीं। वहीं शाहरुख अपने सपने को पूरा करना चाहते थे, इसलिए वह मुंबई चले गए।

इसी बीच शाहरुख ने अपनी एक फिल्म ‘राजू बन गया जेंटलमैन’ भी साइन कर ली। शाहरुख भले ही मुंबई में काम कर रहे थे, लेकिन गौरी से मिलने के लिए उन्हें बार-बार दिल्ली आना पड़ता था। लेकिन कुछ समय बाद उन्हें लगा कि अब गौरी के घरवालों को सब सच बताना होगा। जिसके लिए  उन्होंने गौरी के चाचा तेजिंदर से मदद ली।

गौरी के चाचा तेजिंदर ने शाहरुख को बताया कि उनके घर पर एक छोटी सी पार्टी है जिसमें वह गौरी के माता-पिता से मिल सकते हैं। शाहरुख उस पार्टी में पहुंचे। जहां गौरी के पिता रमेश चंद्र शाहरुख को देखकर बहुत खुश हुए। पहले उन्होंने शाहरुख के किरदार की सराहना की और फिर उनसे उनका असली नाम पूछा। जिसके बाद गौरी के पिता सब कुछ समझ गए और शाहरुख को तुरंत पार्टी से जाने के लिए कह दिया।

इस तरह हुई शाहरुख और गौरी की शादी

वहीं गौरी और शाहरुख के रिश्ते से गौरी की मां बहुत तनाव में थीं। उन्होंने एक दिन नींद की गोलियां खा लीं और उन्हें अस्पताल में ले जाना पड़ा। इससे पहले वह दोनों अदालत में शादी करने की अर्जी लगा चुके थे। जब गौरी के पिता को लगा कि अब इन दोनों के बीच में बोलना उचित नहीं है, इसलिए उन्होंने गौरी को शाहरुख से शादी करने की इजाजत दे दी।

जिसके बाद 26 अगस्त 1991 को शाहरुख और गौरी ने कोर्ट मैरिज की। इसके बाद इन दोनों का निकाह भी पढ़वाया गया, जिसमें गौरी का नाम आयशा रखा गया। फिर 25 अक्टूबर 1991 को हिंदू रीति रिवाज के हिसाब से शाहरुख और गौरी की शादी हुई। इसमें शाहरुख का नाम राजेंद्र कुमार तुली रखा गया।