पुलिस के कहने पर रात में जल्दबाजी में हुआ सुशांत का पोस्टमार्टम
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डॉक्टर का खुलासा, पुलिस के कहने पर रात में जल्दबाजी में हुआ सुशांत का पोस्टमार्टम

सुशांत सिंह राजपूत मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद सीबीआई सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच शुरू कर दी है।

मुम्बई- सुशांत सिंह राजपूत मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद सीबीआई सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच शुरू कर दी है। इस सिलसिले सीबीआई की एक टीम कूपर अस्पताल पहुंची, जहां सुशांत की अटॉप्सी करने वाले डॉक्टरों से पूछताछ की गई। इस दौरान सीबीआई की पूछताछ में सुशांत की अटॉप्‍सी करने वाले एक डॉक्‍टर ने बड़ा खुलासा किया है।

मुम्बई पुलिस ने जल्द पोस्टमार्टम करने को बोला

सुशांत सिंह राजपूत की अटॉप्सी करने वाले डॉक्टर ने सीबीआई को बताया कि मुंबई पुलिस ने उनसे पोस्टमॉर्टम जल्दी करने के लिए कहा था। वहीं सीबीआई को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई खामियां नजर आई हैं, जैसे कि रिपोर्ट में सुशांत की मौत का वक्त तक नहीं बताया गया है। बता दें कि सीबीआई सुशांत की पोस्टमॉर्टम और विसरा रिपोर्ट की जांच कर रही है।

अस्‍पताल में सुशांत की अटॉप्‍सी करने वाले 5 डॉक्‍टरों से पूछताछ की जा रही है। अटॉप्‍सी रिपोर्ट में कई तरह की खामियां निकलकर आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक- सुशांत के गले पर 33 सेमी लंबा ‘लिगेचर मार्क था। बोलचाल की भाषा में ‘गहरा निशान’ कहते हैं। आमतौर पर ये ‘यू’ शेप में होता है। जो बताता है कि गले पर रस्सी या ऐसी ही किसी चीज से भारी दबाव पड़ा।

नियमों के विपरीत रात में ही कर दिया पोस्टमार्टम

सुशांत सिंह राजपूत का पोस्टमॉर्टम रात के समय किया गया था। जो कि नियमों के खिलाफ है। पोस्टमॉर्टम के नियमों के तहत रात में पोस्टमॉर्टम नहीं किया जा सकता है। रात में पोस्टमॉर्टम करने के लिए विशेष मंजूरी लेनी होती है। जिसे जिलाधिकारी या संबंधित अधिकारी विशेष परिस्थितियों में दे सकता है।

कूपर अस्‍पताल के डॉक्टरों ने सुशांत का पोस्टमॉर्टम रात के समय कर दिया था। पोस्टमॉर्टम पूरा होने में 90 मिनट लगे थे। 14 जून की सुबह सुशांत की लाश उनके बेडरूम में मिली थी और 14 जून की रात को ही सुशांत का पोस्‍टमॉर्टम कर दिया गया।

वहीं अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़ी पोस्टमार्टम फाइलों की जांच के लिए शुक्रवार को एम्स ने पांच सदस्यों के फरेंसिक विशेषज्ञों का एक मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया था। इस मामले में सीबीआई ने अस्पताल से सहयोग मांगा था। टीम का नेतृत्व एम्स के फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता करेंगे।