इतनी बेईज्जती कर किसी ने भी स्टूडियो से बाहर नहीं निकाला था: नवाजुद्दीन सिद्दीकी

बॉलीवुड के उम्दा कलाकारों में से एक नवाजुद्दीन सिद्दकी का करियर काफी ऊंच नीच भरा रहा है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवुड में एन्ट्री तो साल 1995 में ही कर ली थी, लेकिन उनके सपनों को पंख लगना गैंग्स ऑफ़ वासेपुर से शुरू हुआ और आज के समय मे नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी एक जाने माने अभिनेताओ में से हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब वह अपने सांवले रंग के कारण कई बार शर्मशार हुए हैं। नवाज की मानें तो कई बार उन्हें किसी प्रॉजेक्ट से सिर्फ इसलिए भी निकाल दिया जाता था, क्योंकि निर्देशक को उनके लिए एक्स्ट्रा लाइट लगानी पड़ती थी। वैसे बॉलिवुड में अपने रंग को लेकर कई सितारों को फिल्मों से बाहर किया गया है।

पुराने समय का बताया किस्सा

इतनी बेईज्जती कर किसी ने भी स्टूडियो से बाहर नहीं निकाला था: नवाजुद्दीन सिद्दीकी

मुंबई में फिल्म का एक गाना लॉन्च किया गया और इस मौके पर मीडिया के साथ सवाल-जवाब भी हुए। इसी दौरान जब नवाज से पूछा गया कि असल जिंदगी में अपना पहला पोर्टफोलियो बनवाने का, फोटो खिंचवाने का कोई किस्सा हो तो बताएं?

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सवाल के जवाब में नवाज बताते हैं, ‘साल 2000 के आस-पास हम लोग बहुत सारे ऐक्टर्स साथ आए थे। उन दिनों भी फिल्मों, सीरियल या म्यूजिक विडियो में कास्टिंग से पहले किसी भी प्रॉडक्शन ऑफिस में अपनी फोटो देनी पड़ती थी। फोटो देखकर ही निर्देशक हमें बुलाते थे। मैंने अपना पोर्टफोलियो मुंबई के जुहू में स्थित एक फोटो स्टूडियो में बनवाया था। वहां हम सभी ऐक्टर्स एक ही कोर्ट को पहन कर फोटो खिंचवाते थे।

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वही फोटो हम सभी जगह बांटते थे।’ नवाज ने आगे बताया कि ‘एक बार मेरी फोटो खींचते समय स्टूडियो वाले ने लाइट बहुत सॉफ्ट कर दी। उस तस्वीर में, मैं बहुत गोरा लग रहा था। मैंने अपनी वह फोटो, महेश भट्ट के जुहू में बने एक ऑफिस में दी।

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फोटो देखने के बाद वहां से मुझे एक विडियो सॉन्ग के लिए कॉल आ गया। मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि भट्ट साहब के ऑफिस से मुझे कॉल आया है, वह भी इतना बेहतरीन रोल, जिसमें हीरो एक फोटोग्राफर है और एक खूबसूरत लड़की फिदा है हीरो पर।’

रियल में देख के कास्टिंग डारेक्टर ने किया मना

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नवाज कहते हैं, ‘अपनी उन तस्वीरों से तो मैं सिलेक्ट तो हो गया था, अब वह मुझे पर्सनली देखना चाहते थे… इसलिए बुलाया था, जब मैं पर्सनल मुलाकात के लिए भट्ट साहब के ऑफिस में गया तो उस विडियो को निर्देशित करने वाली लेडी को बताया गया कि नवाज आ गया है। वह केबिन से बाहर निकल कर मुझे खोजने लगीं।

इतनी बेईज्जती कर किसी ने भी स्टूडियो से बाहर नहीं निकाला था: नवाजुद्दीन सिद्दीकी

मैं वहीं खड़ा था और वह ढूंढ रही थीं, लोगों से पूछ रही थीं कि नवाज कहां हैं, मैं उनके सामने ही खड़ा था।”मैंने उन्हें कहा कि मैंडम, मैं हूं नवाज मैं… मैडम बोलीं, आप हैं… अरे फोटो में तो कुछ और ही दिख रहे थे आप। मैंने बताया कि हां, फोटो मैंने जुहू में खिंचवाई थी, सॉफ्ट लाइट में खींची गई थी, लेकिन असल में तो मैं ऐसा ही दिखाई देता हूं। बाद में उन विडियो में मेरी कास्टिंग नहीं हुई, बल्कि मेरी जगह किसी और को कास्ट कर लिया था।

Shukla Divyanka

मेरा नाम दिव्यांका शुक्ला है। मैं hindnow वेब साइट पर कंटेट राइटर के पद पर कार्यरत...