जंगल के बीच झोपडी में रहकर 12 घंटे पढ़ती है ये बच्ची, वजह जानकर रो पड़ेंगे आप

जब इंसान कुछ मन में करने की ठान लेता है तो मंजिल मिलना भी आसान हो जाती है। दुनिया में लोग मेहनत पर ही यकीन करने के बाद आगे की ओर बढ़ते हैं। बिना मेहनत किए इस भाग- दौड़ वाली जिदंगी कुछ हासिल नहीं होता है। जो लोग अपने आप से वादा कर लेते हैं तो उनके जीवन में संसाधनों की कमी होने के चलते भी उनके कदम कभी भी डगमगाते नहीं हैं।

बस उन्हें ऐसा गुरू मंत्र चाहिए जिस पर वो मेहनत और लग्न के साथ आगे की ओर बढ़ सकें। आइए हम आपको आज ऐसी लड़की से मिलाने जा रहे हैं, जो पहाड़ो के बीचों- बैठ शिक्षा का अलख जला रही है। ये बच्ची उन लोगों के लिए सबक है, जो तमाम संसाधन होने के बावजूद भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। इस बच्ची की फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। हर कोई उस लड़की के जज्बे को सलाम कर रहा है।

मोबाइल नेटवर्क नहीं आते तो घर से दूर बनाई झोपड़ी

सभी जानते हैं कि कोरोना महामारी के पैर पसारने की वजह से सब कुछ ठप पड़ गया। यहाँ तक कि स्कूल- कॉलेज भी बंद हो गए हैं। इन हालातों में बनाए जा रहे डिजिटल इंडिया में इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन क्लास आयोजित की जा रही है। इन क्लासों के लिए स्डूडेंट्स के पास स्मार्ट फोन या लैपटॉप होनी चाहिए। लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी है नेटवर्क का होना। आज भी सरकार द्वारा भारत को डिजिटल दुनिया के सपने दिखाए जा रहे हैं। लेकिन ये यहां पर टूटते साबित हो रहे हैं।

लड़की 12 घंटे करती है जमकर पढ़ाई

जंगल के बीच झोपडी में रहकर 12 घंटे पढ़ती है ये बच्ची, वजह जानकर रो पड़ेंगे आप
प्रतीकात्मक तस्वीर

मोबाइल के नेटवर्क के लिए पहाड़ी पर बच्ची ने अपना आशियाना बना लिया है। सोचिए जरा ये झोपड़ी उसने आराम करने के लिए नहीं बल्कि ऑनलाइन क्लास को अंटेड करने के लिए बनाई है। बताया जा रहा है कि लड़की के चार भाई हैं, जिन्होंने लड़की के लिए झोपड़ी बना दी। जिससे कि उसे पढ़ते वक्त इंटरनेट क्नेकशन की कोई दिकक्त न हो। ये फोटो झारखंड राज्य की बताई जा रही है। घऱ पर मोबइल पर नेटवर्क न आने के चलते जंगल के बीचों-बीच झोपड़ी बनाकर 12 कक्षा के इम्तिहानों की तैयारी कर रही है।

https://twitter.com/DevprakashIRS/status/1296108211653636096

 

आईआरएस देव प्रकाश मीना ने अपने अधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लोगों के साथ शेयर किया है। उन्होंने लिखा – इस आदिवासी बच्ची ने 12th क्लास तो जंगल में बिना नेटवर्क वाले गांव से की, आगे शिक्षा ऑनलाइन ही थी। चार भाइयों ने जंगल में ऐसी जगह झौपड़ी बनाई, जहां मोबाइल नेटवर्क है.. तो वहां से ऑनलाइन क्लास लेकर आगे की पढ़ाई कर रही है। बच्ची यहां सुबह 7 बजे से शाम की 7 बजे तक पढ़ती है। उन्होंने अपनी पोस्ट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेंन को टैग किया है।

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