ऐसी जगह जहां लंबे समय तक रहने के लिए करवाना पड़ता है ऑपरेशन
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दुनिया का ऐसा जगह जहाँ जाने के लिए निकलवाना पड़ता है शरीर का एक अंग

किसी भी देश में रहने के लिए हमें उस देश के बनाए गए नियम और कानून को मानना होता है. सरकार ने अपने देश के लिए कुछ नियम, कानून और शर्ते बनती है. जिसका हम सभी को पालन करना चाहिए। यह उस देश के नागरिक होने के नाते ये हमारा कर्तव्य भी है और जिम्मेदारी भी. चलिए आज हम आपको बताते हैं एक ऐसी जगह के बारे में जहां पर रहने के इंसान को अपना ऑपरेशन करवाना पड़ता है. सुनने में यह बात अटपटा जरूर लग रहा होगा लेकिन ये बात शतप्रतिशत सच है.

कानून बनाने के पीछे है बहुत बड़ा कारण

यह जगह जहाँ रहने के लिए लोगों को वो सभी शर्तें माननी होगी और अगर कोई भी इन शर्तों को मानने से इंकार करता है तो उसे वहां रहने की इज़ाज़त नहीं दी जाती. ऐसी अदभुत जगह का नाम है “अंटार्कटिका”.

यहाँ पर रहने के लिए जो भी कानून बनाया गया उसके पीछे एक बहुत बड़ा कारण है. अंटार्कटिका में बहुत सर्दी रहती हैं जिस वजह से ऐसी शर्तें बनाई गई है. यहाँ पर लोगों को केवल 6 महीने ही रहने की इज़ाज़त दी जाती है.

यहाँ रहने के लिए करवाना होगा अपेंडिक्स का ऑपरेशन

अंटार्कटिका में एक ऐसी बस्ती हैं जहां पर इतनी सर्दी होने के बावजूद भी वहां लोगों की बस्ती है और उस बस्ती में रहने के लिए लोगों को अपनी अपेंडिक्स का ऑपरेशन कराना पड़ता हैं. वहां पर रहने के जाने वाले हर एक इंसान को अपेंडिक्स का ऑपरेशन करवाना पड़ता है.

अन्य जगहों के जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं

अंटार्कटिका में विलास लास एस्ट्रेलास नामक एक ऐसा इलाका है जहाँ पर सिर्फ वैज्ञानिक रहते हैं और अपने शोध किया करते हैं. इसके अलावा यहाँ चिली की वायु सेना और ​थल सेना के जवान भी रहते हैं. ज्यादा लंबे समय तक रहने वाले वैज्ञानिक और जवान यहां अपने परिवार को साथ लेकर रहते हैं. यहाँ अन्य जगहों के जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ नरल स्टोर, बैंक,स्कूल,छोटा पोस्ट ऑफिस और अस्पताल जैसे जरूरी सुविधाएँ उपलब्ध हैं.

हॉस्पिटल जाने के लिए बर्फ के पहाड़ों से होकर गुज़रना पड़ता है

यहां बच्चों को स्कूलों में केवल बुनियादी शिक्षा ही प्राप्त है. हॉस्पिटल भी विलास लास एस्ट्रेलास से काफ़ी दूर है. हॉस्पिटल जाने के लिए मरीज़ों को बर्फ के पहाड़ों से होकर गुज़रना पड़ता है.