त्यौहार के समय काजू, बादाम व किशमिश के दाम में भारी गिरावट, जानें क्या है वजह

दीपावली आने से पहले ही सूखे मेवे के दाम बढ़ जाया करते थे, लेकिन वहीं इस बार उल्टा ही देखने को मिला है। काजू, बादाम और किशमिश के दामों में काफी गिरावट आई है। मेवा कारोबारियों के मुताबिक नई फसल आ चुकी है इसलिए दीपावली के बाद भाव और भी कम होंगे। कहा जा रहा है कि गिरावट का सबसे ज्यादा असर बादाम पर पड़ने वाला है।

तीस फीसदी तक कम हुए दाम

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आपको बता दे मार्च में 750 से 950 रुपये किलो बिकने वाल बादाम 580 से 800, काजू 780 से घटकर 640 रुपये तथा देसी किशमिश 280 रुपये से कम होकर 180 रुपये किलो पर आ गया है।

जाने किस कारण कम हुए दाम

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सूखे मेवों की सबसे अधिक खपत मिठाई, होटल उद्योग व शादी विवाह में होती है, लेकिन इस बार लाकडाउन के कारण शादी-विवाह व मिठाई की दुकानें पर महीनों ब्रेक लगा रहा है। जब मिठाई की दुकानें खुली भी तो उस तरह की बिक्री नहीं हो पाई जैसा हमेशा होता है। इसके अलावा कई राज्यों में आई बाढ़ का असर भी मेवे की बिक्री पर पड़ा।

दिल्ली में मेवे के थोक कारोबारी रंजीत सिंह का कहना है कि लाकडाउन के वक्त भरपूर माल था, लेकिन मांग न होने के कारण बिक्री पचास फीसद तक कम हो गई। आने-जाने की सहूलियत न होने और बाढ़ की वजह सेे भी मेवे की खपत पर असर पड़ा।

बीते पांच वर्ष के मुकाबले नीचले स्तर पर चला गया

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किराना कारोबारी संजय कुमार का कहना है कि होलसेल व्यापारियों के पास स्टाक भारी मात्रा में पड़ा। नहीं बिका तो कीड़ा लगने व नमी के कारण खराब होने का डर। दूसरी तरफ दीपावली बाद नया माल भी बाजार में आ जाएगा। वहीं अमेरिकी बादाम के भाव बीते पांच वर्ष के मुकाबले नीचले स्तर पर चला गया है। अंजीर और अफगानी किशमिश को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी मेवे के दामों में नरमी आई है।

सूखे मेवे का इस्तेमाल गिफ्ट के तौर पर हो होता है

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कोरोना की वजह से इस साल लोग मिठाइयों से ज्यादा मेवे को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका असर भी बाजार में दिख रहा है। आकर्षक पैक में 400 रुपये से लेकर 6000 रुपये तक के मेवे दुकानों पर उपलब्ध है जो लोग हाथोंहाथ ले रहे हैं। 9बीते कुछ वर्षों से दीपावली पर मिठाइयों की जगह उपहार में सूखे मेवे देने का चलन बढ़ा है। खासकर कारपोरेट कंपनियों से लेकर कारोबारी रिश्तों में गरमाहट बरकरार रखने के लिए सूखे मेवे का इस्तेमाल गिफ्ट के तौर पर हो होता है। कारोबारियों के मुताबिक दीपावली में मेवे का कारोबार अन्य त्योहारों के मुकाबले चार गुना होता है।

Supriya Singh

My name is supriya .i am from ballia. I have done my mass communication from govt. polytechnic lucknow.in my family, there are 5 members including me.My mother house maker.my strengths are self confidence,willing...