बबिता फोगाट ने अपनी शादी में 7 की जगह लिए थे 8 फेरे,जाने वजह
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अखाड़े से राजनीति में उतरने वाली बबिता फोगाट ने अपनी शादी में 7 की जगह लिए थे 8 फेरे, जानिए वजह

बबिता फोगाट  आज अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। वह भारतीय महिला पहलवान  हैं। अपने शानदार खेल के जरिये उन्‍होंने कई पदक अपने नाम किए। फिल्म ‘दंगल’ बबीता और उसकी बहन के जीवन पर आधारित थी। बबीता ने नई दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीत कर देश का मान बढ़ाया है। वहीं 2014 में ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में वह स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं। इसके अलावा भी कई अन्‍य सम्‍मान भी उनके नाम हैं। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उनके पिता का भरपूर सहयोग उनको मिला। साथ ही उनकी कठिन मेहनत ने भी उन्‍हें इस मुकाम तक पहुंचाने में मदद की। आज हम आपकों बबिता की जर्नी की कुछ कुछ झलकियां दिखांएगे……….

अखाड़े के बाद उतरी राजनीति में

अखाड़े से राजनीति में उतरने वाली बबिता फोगाट ने अपनी शादी में 7 की जगह लिए थे 8 फेरे, जानिए वजह

बबिता फोगाट ने 2019 में राज्य के दादरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और हार गई थीं। बबीता फोगाट प्रख्यात कुश्ती कोच महावीर फोगाट की बेटी हैं। फोगाट परिवार हिंदी फिल्म ‘दंगल’ की सफलता के बाद देश के घर-घर में मशहूर हो गया था, जो फोगाट बहनों के जीवन पर आधारित है। बबिता ने एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘मैं पूरा समय सक्रिय राजनीति में देना चाहती हूं।

अगले महीने सोनीपत में बरोदा उपचुनाव और बिहार में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं और इन चुनावों में मैंने पार्टी (बीजेपी) के लिए काम करने का निर्णय किया है।’ प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के श्रीकृष्ण हुड्डा के अप्रैल में निधन के कारण बरोदा विधानसभा सीट खाली हो गई थी। फोगाट ने अपना इस्तीफा हरियाणा के खेल और युवा मामलों के विभाग के प्रधान सचिव को भेजा। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनके इस्तीफे की पुष्टि की है। अपने इस्तीफे में फोगाट ने कहा कि हाल ही में वह विभाग में आई थीं, लेकिन कुछ  कारणों से वह सरकारी सेवा में बने रहने में असमर्थ हैं।

साल 2019 में की थी शादी

अखाड़े से राजनीति में उतरने वाली बबिता फोगाट ने अपनी शादी में 7 की जगह लिए थे 8 फेरे, जानिए वजह

अंतरराष्ट्रीय पहलवान बबीता फोगाट पिछले साल आठ फेरे लेकर भारत केसरी पहलवान विवेक सुहाग के साथ शादी के बंधन में बंध गईं।

दोनों ने सात फेरों की बजाय 8 फेरे लेकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया।