पागल हुआ तानाशाह किम जोंग, पालतू कुत्तो को मारकर खाने का दिया आदेश
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कोरोना में पागल हुआ तानाशाह किम जोंग, पालतू कुत्तो को मारकर खाने का दिया आदेश, जाने वजह

कोरोना काल में उत्तर कोरिया भीषण खाद्य संकट से जूझ रहा है। इसी बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने देश के लोगों को अजीब फरमान सुनाया है।

प्‍योंगयांग- कोरोना काल में उत्तर कोरिया भीषण खाद्य संकट से जूझ रहा है। इसी बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने देश के लोगों को अजीब फरमान सुनाया है। किम जोंग ने अपने देश के लोगों को अपने कुत्तों को मीट रेंस्त्रा को सौंपने का आदेश दिया है। दरअसल, किम जोंग ने खाद्य सामग्री की पूर्ति करने के लिए कुत्तों को काटकर खाने का आदेश दिया है।

तानाशाह के ऐसे फरमान के बाद स्ट्रीट और पालतू कुत्तों पर शामत आ गई है। नए आदेश में किम जोंग उन ने कुत्ता पालने पर बैन लगा दिया है और उन्हें पकड़ने का आदेश दिया है।

कुत्‍तों का रखना पूंजीवादी विचारधारा की ओर झुकाव माना जाएगा

उत्‍तर कोरिया के चोसून इल्‍बो सामाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग ने कहा था कि घर पर कुत्‍तों का रखना पूंजीवादी विचारधारा की ओर झुकाव माना जाएगा। इसके बाद उत्‍तर कोरिया के प्रशासन ने उन घरों की पहचान की है, जहां पर पालतू कुत्‍ते रखे गए हैं। प्रशासन ऐसे लोगों को जबरन पालतू कुत्‍तों को देने के लिए बाध्‍य कर रहा है या उन्‍हें जब्‍त कर रहा है।

वहीं किम जोंग उन का कहना है कि देश के गरीब लोग गाय, बकरी, भेड़ और सुअर जैसे मवेशी पालते हैं ताकि लोगों को खाना मिल सके। वहीं, प्योंगयांग जैसे शहरों में रहने वाले अमीर लोग कुत्ता पालते हैं। यह पश्चिमी सभ्यता और पूंजीवादी विचारधारा का प्रतीक है। उत्तर कोरिया में पश्चिमी सभ्यता और पूंजीवाद के लिए कोई जगह नहीं है। देश में कुत्ता पालना अब कानूनन जुर्म होगा। इससे पहले जुलाई महीने में किम जोंग उन ने पालतू कुत्‍तों को रखने को कानून के खिलाफ घोषित कर दिया था।

उत्‍तर कोरिया में कुत्‍ते का मांस पसंदीदा

उत्‍तर कोरिया में कुत्‍ते का मांस काफी पसंद किया जाता रहा है। कुत्‍ता उत्‍तर कोरिया में खाने की प्‍लेट पर बड़े पैमाने पर परोसा जा रहा है। राजधानी प्‍योंयांग में कुत्‍ते के मांस के लिए कई रेस्‍टोरेंट मौजूद हैं। वहीं इस आदेश के बाद उत्तर कोरिया में कुछ कुत्‍तों को सरकारी चिड़‍ियाघर में भेजा गया है या उन्‍हें मांस की दुकानों पर बेच दिया गया है।

बता दें कि कोरोना संकट के बीच उत्‍तर कोरिया खाने के संकट से जूझ रहा है। उत्‍तर कोरिया की दो करोड़ 55 लाख की आबादी का 60 फीसदी हिस्‍सा खाने के संकट का सामना कर रहा है। उत्‍तर कोरिया पर परमाणु कार्यक्रम को जारी रखने पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।