5500 सस्ता हुआ सोना, अब मात्र इतने में मिलेगा 1 तोला
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GOLD PRICE : 5500 सस्ता हुआ सोना, अब मात्र इतने में मिलेगा 1 तोला

नई दिल्ली: सोने के भाव में आखिरी कारोबारी हफ्ते में काफी गिरावट देखने को मिली है। आखिरी 3 दिनों में सोना करीब 800 रुपए प्रति 10 ग्राम गिरा है। वहीं अगर पिछले 1 महीने का डेटा देखा जाए तो सोने की कीमतों में करीब 5500 रुपए तक की गिरावट आ चुकी है।

गिरते भाव के बावजूद डीलर्स ने सोने पर खूब डिस्काउंट दिए हैं। बता दें कि सोना 50,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ चुका है। इस दौरान चांदी की कीमतों में भी करीब 1200 रुपए तक गिरावट देखने को मिली है। आइए जानते है कि महीने भर में सोने-चांदी में कितने उतार-चढ़ाव हुए है।

महीने भर में 5500 रुपए सस्ता हुआ सोना

7 अगस्त को सोने की कीमत 56,200 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई थी। वहीं तब से लेकर अब तक सोने की कीमतों में करीब 5500 रुपए की गिरावट आई है। यानी कि महीने भर में सोना 10 फीसदी तक गिर गया। इतनी गिरावट के बाद ये वक्त सोना खरीदने का सुनहरा मौका है।

क्यों गिर रहा है सोने का भाव

उम्मीद से अच्छा आया अमेरिका का रोजगार का डेटा सोने में गिरावट की सबसे बड़ी वजह है। इसकी वजह से अमेरिका डॉलर मजबूत हुआ है, जिसने सोने पर दबाव बढ़ा दिया है। इस बढ़ते दबाव के चलते सोने की कीमतों में इंडिया में गिरावट देखी जा रही है। बता दें कि अगस्त महीने में अमेरिका में 13.71 लाख नौकरियां बढ़ी हैं।

गिरावट के बावजूद भी डीलर्स ने दिए डिस्काउंट

अगस्त महीने में डीलर्स ने ग्राहकों को खूब डिस्काउंट दिए हैं। सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की एक ये भी वजह हो सकती है। बता दें कि भारत में सोने की कीमतों में 12.5 फीसदी आयात शुल्क व 3 फीसदी जीएसटी जुड़ा होता है।

जहां एक तरफ सोना तो पिछले महीने भर में गिरा ही है, वहीं दूसरी तरफ चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है। महीने भर में चांदी करीब 10,000 रुपये तक गिर गई है। पिछले हफ्ते भर में चांदी की कीमतों में 1200 रुपये से भी अधिक की गिरावट देखने को मिली है।

कठिन परिस्थितियों में सोना वरदान

सोना गहरे संकट में काम आने वाली संपत्ति है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों व हालातों में यह धारणा बिल्कुल सही साबित हो रही है। कोरोना महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है। साथ ही अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ है।