प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने देशहित में लिए हैं ये 5 बड़े फैसले
New Delhi, June 27 (ANI): Prime Minister Narendra Modi addresses during the 90th birthday celebrations of the Rev. Dr. Joseph Mar Thoma Metropolitan via video conferencing, in New Delhi on Saturday. (ANI Photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 70 वां जन्मदिन है. इस मौके पर एक ओर जहां अनेक समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता उत्साह सेवा सप्ताह मना रहे हैं, तो वहीं अन्य देशों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने भी पीएम को शुभकामनाएं दी. आइए हम आपको वह तस्वीर दिखाते हैं, जो पीएम मोदी के दिल के बेहद करीब है, उन्होंने ये तस्वीर बीते साल 2019 में ट्वीट की थी.

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने देशहित में लिए हैं ये 5 बड़े फैसले

पीएम मोदी का आरएसएस के साथ राब्ता 8 साल की उम्र में हुआ. जब वह टी स्टाल पर काम के बाद आरएसएस की स्थानीय युवा बैठकों में शामिल होते थे. बेहद कम उम्र से प्रधानमंत्री मोदी जिम्मेदारी को निभाते आ रहे हैं.

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नरेंद्र मोदी आपातकाल विरोधी आंदोलन के मूड में थे. वह गुजरात लोक संघर्ष समिति (जीएनएसएस) में थे. यह तस्वीर नरेंद्र मोदी जी की आरएसएस में एक बैठक की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70 वां जन्मदिन पर लिए गए पांच बड़े फैसलों के बारे

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मोदी सरकार पहले 2014 में और फिर 2019 में देश की सत्ता में आए. दूसरे काल में केंद्र सरकार ने पीएम मोदी के नेतृत्व में कई बड़े और अहम फैसले लिए कुछ योजनाएं भी शुरू की गई. और नई घोषणाएं भी की गई जिससे आम जनता को लाभ मिले.

प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर बनने को कहा

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कोरोना के इस संकट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई 2020 को 20 लाख करोड़ों रुपए के विशेष आर्थिक और व्यापक पैकेज की घोषणा की. यह पैकेज भारत की जीडीपी के 10% के बराबर है. पैकेज के दौरान प्रवासी मजदूर छोटे किसान रेहड़ी पटरी वालों मिडिल क्लास एमएसएमई आदिवासियों आदि को साधने की कोशिश की गई.

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज

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मोदी सरकार ने मार्च 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का ऐलान किया. इस पैकेज के तहत मजदूरों, किसानों, गरीबों महिलाओं के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपए की राशि देने का ऐलान हुआ.

इसमें सैनिटेशन वर्कर्स,सफाई वर्कर्स, कर्मचारी, डॉक्टर आशा वर्कर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल स्टाफ आदि कोरोनावायरस के लिए 50 लाख रुपए प्रति व्यक्ति का इंश्योरेंस कवर राशन कार्ड धारकों को अनाज के मौजूदा कोटे के अतिरिक्त कार्ड में दर्ज सदस्यों के आधार पर प्रति व्यक्ति को पांच किलो गेहूं, चावल और प्रति परिवार 1 किलो दाल मुफ्त दिया जाना है.

इसके अलावा मनरेगा मजदूरों, गरीब बुजुर्ग, गरीब विधवा, गरीब दिव्यांग, संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों, जन धन अकाउंट धारक महिलाओं,महिला स्वयं सहायता समूह उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन धारक 8.3 करोड़ राहत की घोषणा की गई.

प्रधानमंत्री मोदी के तहत राशन कार्ड योजना

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वन राशन कार्ड वन नेशन एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना के तहत राष्ट्रीय खाद सुरक्षा अधिनियम के पात्र लाभार्थी पूरे देश में कहीं भी उचित मूल्य की दुकान से अपने राशन कार्ड का इस्तेमाल कर अनाज उठा सकेंगे. फिर भले ही उनका राशन कार्ड किसी भी राज्य या जिले में बना हो अभी राशन कार्ड के मामले में नियम यह है, कि व्यक्ति का राशन कार्ड जिस जिले का बना है, उसी जिले की राशन दुकानों से उसे राशन मिल सकता है.

उस राशन कार्ड से किसी अन्य जिले में राशन नहीं लिया जा सकता. खाद्य मंत्रालय का लक्ष्य 20 मार्च 21 तक देशभर में इस योजना को लागू करना है. यह योजना कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू हो चुकी हैं.

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने देशहित में लिए हैं ये 5 बड़े फैसलेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन 74 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले की प्राचीर से नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन शुरू करने का ऐलान किया था. इस मिशन के तहत हर भारतीय की हेल्थ आईडी होगी. जब भी भारतीय डॉक्टर या दवा की दुकान पर जाएगा, तो हेल्थ आईडी में सभी जानकारी रहेगी.

डॉक्टर के अपॉइंटमेंट से लेकर मेडिकेशन, एडवाइज तक सब कुछ आपकी हेल्थ प्रोफाइल पर उपलब्ध रहेगा. इस हेल्थ आईडी में आपके हर टेस्ट हर बीमारी की जानकारी आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी. आपकी सारी रिपोर्ट क्या थी यह जानकारी समाहित होगी एंड आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आता है.

नई शिक्षा नीति 2020

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति जुलाई 2020 में पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूरे देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी नई शिक्षा नीति में 10+2 के फॉर्मेट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. अभी तक हमारे देश में स्कूलों पाठ्यक्रम 10+2 के हिसाब से चलता है, लेकिन अब यह 5+3+3+4 के हिसाब से होगा.

इसका मतलब है कि प्राइमरी से दूसरी कक्षा तक एक हिस्सा फिर तीसरी से पांचवी तक दूसरा हिस्सा छठी से आठवीं तक तीसरा हिस्सा और 9वीं से 12वीं तक आखरी हिस्सा होगा. और इसी में इस बात पालिसी पर भी जोर दिया गया, कि कम से कम कक्षा 5 तक सिखाने का माध्यम मातृभाषा, स्थानीय क्षेत्रीय भाषा हो नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत उच्च शिक्षा के लिए भी बड़े सुधार शामिल किए गए हैं.

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