बिक गया बिग बाजार, जानिए कैसे कर्ज में डूबते गए रिटेल किंग
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बिक गया बिग बाजार, जानिए कैसे कर्ज में डूबते गए रिटेल किंग किशोर बियानी

मुंबई: ‘बिग बाजार’ का नाम तो हर मिडिल क्लास फैमली का बच्चा-बच्चा जानता है। ‘बिग बाजार’ एक ऐसा नाम है, जिसने मध्यम वर्गीय परिवार में अपनी जगह बना ली थी। बिग बाजार का टैगलाइन ‘सबसे सस्ता सबसे अच्छा’ ने उसे मध्यम वर्गीय परिवार के बीच में लोकप्रिय बना दिया था। वहीं सेल के दौरान लोगों को बिग बाजार में हर तरह के प्रोडक्ट्स पर भारी छूट मिलती है। जिसके बाद एक लंबी लाइन बिग बाजार के आगे देखने को मिलती है। लेकिन रिटेल किंग कहे जाने वाले किशोर बियानी ने अब अपने इस कारोबार को मुकेश अंबानी के हाथों बेच दिया है।

साल 2019 में फोर्ब्स की लिस्ट में किशोर बियानी 80वें नंबर के सबसे अमीर बिजनेसमैन थे। लेकिन अब कर्ज उतारने के लिए उन्होंने अपना बड़ा कारोबार रिलायंस रिटेल एंड फैशन लाइफस्टाइल लिमिटेड को 24713 करोड़ रुपये में बेच दिया है। फ्यूचर ग्रुप में हजारों लोग नौकरी करते हैं और सप्लाई चेन से भी हजारों लोग जुड़े हुए हैं। बता दें कि पूरे देश में बिग बाजार के 295 स्टोर्स हैं। इसमें हजारों लोग काम करते हैं।

किशोर बियानी एक सफल भारतीय कारोबारियों में गिने जाते हैं। साल 2019 से पहले उनका कारोबार तेजी से फैल रहा था। लेकिन किशोर बियानी का फ्यूचर ग्रुप वित्तीय संकट में इस साल की शुरुआत में आया। ऐसा तब हुआ जब फ्यूचर रिटेल कर्ज के भुगतान में फेल हो गई और बैंकों ने कंपनी के गिरवी रखे शेयरों को जब्त कर लिया।

बता दें कि साड़ियों के कारोबार से बिग बाजार के सफर तक पहुंचने वाले किशोर बियानी ने साल 1987 में पैंटालून की शुरुआत की थी। लेकिन पैसे की कमी के कारण किशोर ने इस कारोबार को साल 2012 में आदित्य बिड़ला ग्रुप को बेच दिया था। पैंटालून और बिग बाजार की शुरुआत किशोर बियानी ने कोलकाता से की थी।

उस वक्त ये किसी ने नही सोचा था कि किशोर को रीटेल सेक्टर के गॉड फादर का तमगा मिलेगा और ना ही किसी ने यह सोचा था कि उनकी कंपनी यानी फ्यूचर ग्रुप कर्ज में इतना डूब जाएगी कि वह कर्ज का ब्याज चुकाने में भी असमर्थ हो जाएगी। किशोर बियानी ने अपने बिजनेस की शुरुआत साल 1987 में की थी, उनकी पहली कंपनी मेंज वियर थी। बाद में इसका नाम उन्होंने पैंटालून कर दिया गया। फिर साल 1991 में इसका नाम पैंटालून फैशन लिमिटेड कर दिया गया। जिसके बाद साल 2001 में किशोर बियानी ने पूरे देश में बिग बाजार के स्टोर खोले।

किशोर बियानी ने मुंबई के एच. आर कॉलेज के छात्र रहे हैं। उनकी यात्रा मुंबई में 1980 में स्टोन वॉश डेनिम फैब्रिक की बिक्री से शुरू हुई थी। कोलकाता से पैंटालून से शुरुआत करने वाले बियानी ने अब सारा कारोबार रिलायंस के हाथों बेच दिया। साल 2019 की समाप्त तिमाही में फ्यूचर रिटेल के मुनाफे में 15 फीसदी की गिरावट आई थी, वहीं रेवेन्यू में 3 फीसदी की कमी देखी गई थी।

वहीं कोरोना ने कंपनी की वित्तीय हालत को और बिगाड़ दिया। लगातार कर्ज का बोझ बढ़ने से रेटिंग एजेंसियों ने भी रेटिंग घटा दी। जिससे फ्यूचर रिटेल के शेयरों में करीब 75 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली। डील के बाद रिलायंस रिटेल की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा कि हम छोटे व्यापारियों के साथ सक्रिय सहयोग के हमारे अनूठे मॉडल के साथ रिटेल इंडस्ट्री के विकास की गति को जारी रखने की उम्मीद करते हैं।

हम देश भर में अपने उपभोक्ताओं को अहमियत प्रदान के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इससे रिलायंस फ्यूचर ग्रुप के बिग बाजार, ईजीडे और FBB के 1,800 से अधिक स्टोर्स तक पहुंच बनाएगी, जो देश के 420 शहरों में फैले हुए हैं। बता दें कि इस डील के बाद किशोर बियानी अपने ऊपर से सभी कर्ज को उतारने में काफी सहायता मिल सकेगी।