भारत में कब तक मिलेगी कोरोना की वैक्सीन, कितनी होगी कीमत?
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भारत में कब तक मिलेगी कोरोना की वैक्सीन, कितनी होगी कीमत? जानें लेटेस्ट अपडेट

देश-विदेश में कोरोना की वैक्सीन को लेकर शोध किए जा रहे हैं। विश्व की लगभग 250 से ज्यादा लैब्स में कोरोना की वैक्सीन के शोध में ये अंतिम चरण में भी हैं। रूस ने तो कोरोना की वैक्सीन को लेकर दावा भी ठोक दिया है कि उसने वो ढूंढ निकाली है। इसी‌ बीच अब आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से संबंधित कोरोनावायरस की शोध को लेकर भारत के लिए भी एक बड़ी खबर है।

भारत में ट्रायल की मंजूरी

दरअसल भारत ने कोरोना की वैक्सीन को लेकर डीजीसीईआई ने बड़ा कदम उठाते हुए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में बनी कोरोना की वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल को मंजूरी दे दी है। जिसकी मंजूरी सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने सरकार से मांगी थी।

बड़े स्तर पर होगा प्रोडक्शन

दरअसल ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में बनी कोरोना की वैक्सीन के लिए इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने एस्ट्रोजनिका कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट किया है। खबरों के मुताबिक एस्ट्रोजनिका ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में बनी इस कोरोनावायरस की वैक्सीन का बड़े स्तर पर प्रोडक्शन करेगी।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में बनी इस वैक्सीन के ट्रायल के लिए पहला टीका लगाने के बाद 29 दिन बाद दूसरा टीका लगाया जाएगा यानी 4 हफ्ते में दो खुराक दी जाएंगी और फिर मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता जांची जाएगी, जो इस वैक्सीन की सफलता और भविष्य का निर्णय करेंगे।

तुरंत शुरू होगा प्रोडक्शन

कंपनी के प्रमुख लोगों का कहना था कि जैसे ही सरकार की तरफ से मंजूरी मिलेगी वैसे ही कोरोना की इस वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा और मास प्रोडक्शन भी शुरू हो जाएगा जिससे लोगों को जल्दी कोरोना की वैक्सीन की उपलब्धता कराई जा सके और कोरोनावायरस की जंग में सफलता मिले।

कम होगी कीमत

कंपनी के सूत्रों का कहना है कि भारत में कोरोना की इस वैक्सीन की कीमत बेहद कम होगी और शुरू में इसका प्रोडक्शन 30 से 40 लाख खुराक प्रति माह के स्तर पर होगा साथ ही बाद में इसका प्रोडक्शन बनाया कर 35 से 40 करोड़ प्रति माह किया जाएगा और जल्द से जल्द लोगों को कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी।

गौरतलब है कि भारत में कोरोनावायरस के मामले बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यहां तक कोरोनावायरस की कुल संख्या करीब 20 लाख का आंकड़ा पार करने को है। जिसके चलते भारत सरकार डीजीसीआई के साथ मिल करोना की वैक्सीन और दवा पर बहुत तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही सरकार द्वारा सभी तरह के सकारात्मक ट्रायल्स को मंजूरी भी दी जा रही है।