विकास दुबे एनकाउंटर पर बोले योगी, कह दी ये बड़ी बात
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विकास दुबे एनकाउंटर पर बोले योगी, राक्षसों का संहार करना राजसत्ता का कर्तव्य

रामजन्मभूमि पूजन के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया के साथ बातचीत में कई सवालों के जवाब दिए।

अयोध्या- राम जन्मभूमि पूजन के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया के साथ बातचीत में कई सवालों के जवाब दिए। साथ ही उन्होंने कानपुर गोलीकांड के आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर पर भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बतौर सीएम यूपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली और इस कार्य को मैंने पिछले तीन सालों से बड़े नजदीक से महसूस किया है। हमारी प्रतिबद्धता उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ जनता को सुरक्षा देना है। प्रदेश की जनता को सुरक्षा प्रदान करना हमारा दायित्व है।

संत प्रवृतियों का उत्थान दुष्टों के दमन को राजसत्ता रहे हमेशा तैयार

कुख्यात अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राक्षसी प्रवृतियों का नाश होना ही चाहिए। संत प्रवृतियों का उत्थान होना चाहिए। सज्जनों के उत्थान के लिए और दुष्टों के दमन के लिए राजसत्ता को हमेशा तैयार रहना चाहिए पिछले तीन सालों में उत्तर प्रदेश में अपराध कम हुए हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर है और आगे भी बेहतर स्थिति होगी।

हमारी सरकार अपराध पर जीरो टोलरेंस की नीति का पालन करती है। क्या विकास दुबे का एनकाउंटर सही था या नहीं, इस सवाल के जवाब में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उसकी जांच चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने उसके लिए एक न्यायिक आयोग गठित किया है। हमने भी एक एसआईटी गठित की है। जो भी परिणाम सामने आएंगे, उससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। हमारी सरकार में किसी भी अपराधी को बख्शा न जाएगा।

ये था मामला

गौरतलब है कि 3 जुलाई की रात को पुलिस की टीम विकास दुब के घर दबिश देने गई थी लेकिन इस बात की जानकारी चौबेपुर थाने से लीक कर दी गई. विकास को जब इस कार्रवाई की जानकारी हुई तो उसने अपनी शूटरों समेत गैंग के अन्य साथियों को चौकन्ना कर दिया और सभी को तैयार रहने को कहा।

वहीं, जब बिकरु गांव पुलिस की टीम पहुंची तो पुलिसवालों पर चौतरफा गोलियों की बौछार कर दी जिसके चलते आठ पुलिसवालों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद 9 जुलाई विकास दुबे को को उज्जैन में गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद से 10 जुलाई को उज्जैन से कानपुर लाते समय नाटकीय ढंग से विकास दुबे ने भागने की कोशिश की और मुठभेड़ में मारा गया।