DRDO के 'अर्जुन' का अचूक निशाना, 3 KM दूर लक्ष्य ध्वस्त
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डीआरडीओ के ‘अर्जुन’ का अचूक निशाना, 3 किलोमीटर दूर टारगेट के उड़े परखच्‍चे

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) को एक बड़ी उपलब्धि हाथ लगी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित फायरिंग रेंज से देश में विकसित लेजर...

नई दिल्ली- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) को एक बड़ी उपलब्धि हाथ लगी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित फायरिंग रेंज से देश में विकसित लेजर निर्देशित एक टैंक विध्वंसक मिसाइल का सफल प्रायोगिक परीक्षण किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि मिसाइल चार किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है। प्रयोगिक परीक्षण के तहत मंगलवार को अहमदनगर में स्थित आर्म्ड कोर सेंटर एंड स्कूल स्थित केके रेंज में एक एमबीटी अर्जुन टैंक से इस मिसाइल को दागा गया। आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को ओडिशा के बालासोर में डीआरडीओ ने अभ्यास लड़ाकू ड्रोन का सफल परीक्षण किया था।

ये हैं एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल की खूबियां

डीआरडीओ ने बताया कि यह मिसाइल तीन किलोमीटर दूर तक बैठे टागरेट को अपना निशाना बना सकती है। इसे कई सारे प्लेटफॉर्म लॉन्च क्षमता के साथ विकसित किया गया है। यह मिसाइल मॉडर्न टैंक्‍स से लेकर भविष्‍य के टैंक्‍स को भी नेस्‍तनाबूद करने में सक्षम होगी। हीट (हाई स्‍पीड एक्‍सपेंडेबल एरियल टारगेट) वारहेड के जरिए एक्‍सप्‍लोसिव रिऐक्टिव आर्मर प्रोटेक्‍टेड वेहिकल्‍स को उड़ाती है। कम ऊंचाई पर उड़ने वाले हेलिकॉप्‍टर्स को भी ढेर किया जा सकता है। आपको बता दें कि अर्जुन टैंक डीआरडीओ द्वारा विकसित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बधाई दी

डीआरडीओ की सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बधाई दी है। राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा, अहमदनगर में केके रेंज में एमबीटी अर्जुन से लेजर गाइडेड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। भारत को डीआरडीओ पर गर्व है जो निकट भविष्य में आयात निर्भरता को कम करने की दिशा में काम कर रहा है।