Msp से लेकर अनाज मंडियों तक जानिए क्या है किसानो की मांग जिसकी वजह से हो रहा है आंदोलन

किसान आंदोलन: पंजाब के किसान लगातार तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं और आज गुरुवार को केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसान संगठनों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया है. साथ ही किसान संगठन बिजली बिल 2020 को भी वापस लेने की मांग कर रहे हैं. कल बुधवार को अंबाला में किसानों ने भारी पुलिस बल को ठेंगा दिखाते हुए दिल्ली की तरफ कूच किया. पुलिस ने इस दौरान वॉटर कैनन का इस्तेमाल भी किया, लेकिन किसानों को नहीं रोक सकी. किसान दिल्ली की तरफ कूच कर गए.

किसानों के ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने पंजाब से सटी तमाम सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है. सीमाओं को सील करने की तैयारी भी की गई है. दिल्ली से सटे कई बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग

Msp से लेकर अनाज मंडियों तक जानिए क्या है किसानो की मांग जिसकी वजह से हो रहा है आंदोलन

आंदोलनकारी किसान संगठन केंद्र सरकार से तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक बीजेपी पार्टी हाईकमान ने अपनी पंजाब इकाई के नेताओं को साफ कर दिया है कि सरकार किसी भी सूरत में कृषि कानून रद्द नहीं करेगी.

कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) एक्ट, 2020, कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार एक्ट, 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) एक्ट 2020 का किसान विरोध कर रहे हैं और इन तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. किसान संगठनों की शिकायत है कि नए कानून से कृषि क्षेत्र भी पूंजीपतियों या कॉरपोरेट घरानों के हाथों में चला जाएगा और इसका नुकसान किसानों को होगा.

किसान और किसान संगठनों को डर है कि कॉरपोरेट्स कृषि क्षेत्र से लाभ प्राप्त करने की कोशिश करेंगे. साथ ही किसान कानून का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि बाजार कीमतें आमतौर पर न्यूनतम समर्थन (एमएसपी) कीमतों से ऊपर या समान नहीं होतीं. सरकार की ओर से हर साल 23 फसलों के लिए MSP घोषित होता है.

बिजली बिल का भी विरोध

देश के कई राज्य के बिजली कर्मचारियों की तरह किसान संगठन कृषि कानूनों के अलावा बिजली बिल 2020 को लेकर भी विरोध कर रहे हैं. केंद्र सरकार के बिजली कानून 2003 की जगह लाए गए बिजली (संशोधित) बिल 2020 का विरोध किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस बिल के जरिए बिजली वितरण प्रणाली का निजीकरण किया जा रहा है. केंद्र सरकार बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने की जल्दबाजी में है.

Supriya Singh

My name is supriya .i am from ballia. I have done my mass communication from govt. polytechnic lucknow.in my family, there are 5 members including me.My mother house maker.my strengths are self confidence,willing...