100 कमरे के मकान में 39 पत्नी और 94 बच्चों के साथ रहता है ये शख्स
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100 कमरे के मकान में 39 पत्नी और 94 बच्चों के साथ रहता है ये शख्स

हमारा देश भारत पूरी दुनिया में अपनी संस्कृति को लेकर बहुत ही प्रसिद्ध है. जहां आजकल के जमाने में लोग संयुक्त फैमिली में नहीं रहना चाहते हैं, वहीं भारत में कई परिवार ऐसे हैं जो आज भी एकल परिवार प्रणाली में रहना पसंद करते हैं. देश में जब भी किसी परिवार में शादी- विवाह का माहौल होता है, तो परिवार वालो के सभी रिश्तेदार जोरों शोरों से इकट्ठे हो जाते हैं और एक दूसरे की सहायता भी करते हैं.

आज हम देश के एक ऐसे परिवार के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिन्होंने एकल परिवार प्रणाली का चलन बनाए रखा है. जी हां, हमारे देश भारत के मिजोरम राज्य में रहने वाले इस परिवार ने भारत की संस्कृति को ध्यान में रखते हुए जॉइंट फैमिली की प्रथा का पूर्ण पालन किया है.

दुनिया की सबसे बड़ी जॉइंट फैमिली

मिजोरम राज्य के इस परिवार में एक बात यह है कि इसमें एक या दो परिवार के सदस्य नहीं बल्कि 181 सदस्य एक साथ रहते हैं. ये परिवार जिस घर में रहता है, उसमें पूरे 100 कमरे बने हुए हैं. बता दे कि, यह परिवार पूरी दुनिया में सबसे बड़े परिवार में से एक है. हैरानी की बात तो यह है कि, इतने सारे लोग एक साथ एक ही परिवार और एक ही घर में कैसे रहते हैं. आखिर इनका एक साथ गुजारा कैसे होता है, कौन इतने बड़े परिवार का पालन पोषण करता होगा….

पूरे परिवार में हैं कितने सदस्य

मिजोरम में इतने बड़े परिवार को चलाने वाले जिओना चाना आज अपने एकल परिवार की वजह से पूरी दुनिया में जाने जाते हैं. जियोना अपने पूरे परिवार को लेकर मिजोरम राज्य के एक बटवंग नामक गांव में रहते हैं. वहीं पर इनका एक बहुत बड़ा घर है, जिसमें उनका पूरा परिवार एक साथ रहता है.

जिओना चाना के परिवार में अगर उनकी पत्नियों की बात करें तो उनकी संख्या 39 है. जिओना चाना के 94 बच्चे भी हैं. इसके अलावा उनके साथ परिवार में 14 बहुएं और 33 पोते-पोतियां भी रहते हैं. यानी कि कुल मिलाकर इस परिवार में लगभग 181 सदस्य एक साथ रहते हैं.

कहां पर स्थित है यह परिवार

100 कमरों का यह बड़ा मकान पहाड़ों के बीच में स्थित है, वहीं पर जियोना अपने परिवार को चलाने के लिए काम करते हैं. बच्चों के पढ़ाई से लेकर अन्य बड़े खर्चों के लिए परिवार की महिलाएं भी खेतों में काम कर लेती है.

जियोना की पत्नियों का इस परिवार को चलाने में बहुत बड़ा हाथ है. परिवार के मुखिया की पहली पत्नी की यह जिम्मेदारी है कि वह सभी महिलाओं को एक-एक काम बांट दे, जिसके बाद वह सभी काम को जिम्मेदारी के साथ करवाती हैं.

मिलजुल कर महिलाएं बनाती हैं खाना

100 कमरों के मकान में एक बड़ा किचन भी है, जिसमें सभी महिलाएं मिलकर एक साथ खाना बनाती हैं. इतने सारे सदस्यों का खाना बनाने के लिए सभी महिलाएं सुबह से ही खाना बनाने की तैयारी कर लेती हैं. खबरों के मुताबिक पता चला है कि, ”मिजोरम के इस परिवार में 1 दिन में लगभग 45 किलो चावल, 25 किलो दाल और 60 किलो सब्जियां बनाई जाती हैं, इसके अलावा साथ ही साथ 30 से 40 मुर्गियां और दर्जनों अंडे भी बनाए जाते हैं. पूरा परिवार मिलकर एक दिन में कम से कम 20 से 30 किलो फल खा जाता है”.

इस हिसाब से जहां किसी अन्य परिवार का इतना 2 महीने का खर्चा होता है वहीं खास परिवार में इतना 1 दिन में खा लिया जाता है.

अगर कभी किसी काम में देर हो जाती है, तो सभी सदस्य एक साथ मिलकर खाना बनाने के अलावा अन्य कार्य भी कर लेते हैं. इतने बड़े परिवार में कभी-कभी कुछ समस्याएं भी आ जाती हैं, जिनको परिवार के 181 सदस्य मिलजुल कर सुलझा लेते हैं.

इतने बड़े परिवार में खास मौके की तारीख या फिर किसी सदस्य का जन्मदिन याद रखना काफी मुश्किल काम है. परिवार के सभी सदस्य एक दूसरे की जन्मतिथि याद रखते हैं , और समय-समय पर जन्मदिन भी मनाते हैं. मिजोरम राज्य में जब किसी पार्टी का चुनाव होता है तो इस परिवार को अपने सपोर्ट में लाने के लिए लोग काफी मेहनत करते हैं. ये परिवार जिस किसी भी पार्टी को वोट देता है उसका जीतना तो तय है. पूरी दुनिया में इस परिवार को लेकर लोग काफी चर्चा करते हैं.