चीन को एक और झटका देने की तैयारी में भारत, 1900 करोड़ का होगा नुकसान

नई दिल्ली: भारत ने चीन को एक और झटका देने की पूरी तैयारी कर ली है। जिसमें अब देश में इंपोर्ट होने वाले सभी एलईडी उत्पादों की जांच होगी।  मोदी सरकार ने सख्त कदम इसलिए उठाया है, क्योंकि भारत सरकार चीन से होने वाले इंपोर्ट पर लगाम लगाना चाहती है।

बता दें कि वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले बीआईएस ने देश के बड़े बंदरगाहों जैसे कांडला, पारादीप, कोच्चि, मुम्बई जैसे पोर्ट पर इंपोर्ट होने वाले एलईडी उत्पादों की जांच के आदेश दे दिए हैं।  इसके लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक नोटिफिकेशन भी जारी किया है।

चीन पर एक और ‘क्वालिटी’ अटैक

चीन को एक और झटका देने की तैयारी में भारत, 1900 करोड़ का होगा नुकसान

इंपोर्ट हो रहे माल में से किसी भी सैंम्पल को रैंडम या अनियमित तरीके से चुना जाएगा। ऐसे नमूनों को जांच के लिए भारत मानक ब्यूरो (BIS ) की लैब्स में भेजा जाएगा।  जहां इस बात की जांच की जाएगी कि क्या ये LED प्रोडक्ट सुरक्षा के मापदंडों पर खरे उतरते हैं और सात दिन में जांच पूरी होगी। जिसके बाद मापदंडों पर खरे उतरने वाले नमूनों के कंसाइनमेंट्स या माल को ही कस्टम की ओर से क्लियरेंस मिलेगा।

वहीं यदि चुने गए नमूने मापदंडों पर नहीं खरे उतरते, तो उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।  बता दें कि भारत सरकार द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम से चीन की मुश्किलें काफी बढ़ेंगी, क्योंकि अगर चीन के घटिया LED कंसाइनमेंट को भारत में एंट्री नहीं मिली, तो इससे उसको एक बड़ी आर्थिक चोट पहुंचना तय है।

इस तरह बढ़ेंगी चीन की मुश्किलें

चीन को एक और झटका देने की तैयारी में भारत, 1900 करोड़ का होगा नुकसान

वित्त वर्ष 2020 में चीन से 1900 करोड़ डॉलर से ज्यादा के इलेक्ट्रॉनिक सामानों का इंपोर्ट हुआ। जिनमें लैंप्स और लाइट फिटिंग के सामान शामिल हैं और इन सामानों की टोटल वैल्यू 43.6 करोड़ डॉलर रही। जिसके हिसाब से भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LED मार्केट है और चीन के लिए सबसे बड़ा बाजार भी है। वहीं चीन पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए पीएम मोदी ने वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों की शुरुआत की है।

चीन पर कमर्शियल स्ट्राइक

लोकल मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए जुलाई माह में भारत ने चीन से इंपोर्ट हो रहे कलर टीवी पर अंकुश लगाया था। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए सरकारी खरीद में चीनी कंपनियों के हिस्सा लेने पर भी रोक लगाई गई। इसके साथ ही भारत ने TikTok समेत कई चाइनीज ऐप पर भी रोक लगाई है।

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