GURGAON में बिछेगा मेट्रो का जाल इन 33 जगहों पर बनेगा स्टेशन
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6821 करोड़ से गुरुग्राम में बिछेगा मेट्रो का जाल, बनेंगे 33 मेट्रो स्टेशन

गुरुग्रामवासियों के लिए खुशखबरी है। हरियाणा सरकार ने हुडा सिटी सेंटर से आगे विभिन्न स्थानों तक रैपिड मेट्रो रेल के विस्तार के लिए 6821.13 करोड़ रुपये लागत की परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है।

गुरुग्राम- गुरुग्रामवासियों के लिए खुशखबरी है। हरियाणा सरकार ने हुडा सिटी सेंटर से आगे विभिन्न स्थानों तक रैपिड मेट्रो रेल के विस्तार के लिए 6821.13 करोड़ रुपये लागत की परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है।

कॉरिडोर की कुल लंबाई होगी 28.80 किमी

इस कॉरिडोर की कुल लम्बाई लगभग 28.80 किलोमीटर है जिसमें छह इंटरचेंज स्टेशनों के साथ 27 एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। यह लिंक हुडा सिटी सेंटर से शुरू होकर सेक्टर-45, साइबर पार्क, जिला शॉपिंग सेंटर, सेक्टर-47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72 ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज छह, सेक्टर-तीन, चार, पांच, सात, नौ, दस, सेक्टर-37, बसई गांव, अशोक विहार, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23 ए, सेक्टर-22, उद्योग विहार फेज चार, उद्योग विहार फेज पांच से गुजरते हुए अंत में साइबर सिटी के निकट मौलसरी एवेन्यू स्टेशन पर रैपिड मेट्रो रेल गुरुग्राम के मौजूदा नेटवर्क से जुड़ेगा।

गुरुग्राम के एक बड़े हिस्से की दिल्ली के साथ होगी सीधी कनेक्टिविटी

सुभाष चौक पर एमआरटीएस कॉरिडोर हुडा सिटी सेंटर में पीली लाइन के साथ जुड़ेगा और इसीलिए दिल्ली के साथ गुरुग्राम के एक बड़े हिस्से को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह हीरो होंडा चौक और सेक्टर-22 में आरआरटीएस स्टेशनों के साथ भी जुड़ेगा और सराय काले खान (एसकेके), नई दिल्ली की तरफ और दूरी तरफ शाहजहांपुर, नीमराना और बहरोड़ (एसएनबी),राजस्थान तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। ये लिंकेज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में परिवहन प्रणाली की दक्षता को बढ़ाएंगे।

2025 तक 5.40 लाख होंगे अनुमानित यात्री

इस मेट्रो कोरिडोर पर वर्ष 2025, 2031 और 2041 के लिए प्रतिदिन क्रमशः 5.34 लाख यात्री, 7.26 लाख यात्री और 8.81 यात्री दौरे होने का अनुमान है। एमआरटीएस के शुरू होने से बसों की संख्या, इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट और निजी वाहनों के उपयोग में कमी आएगी। जिससे कि ईंधन की खपत, वाहन परिचालन लागत और यात्रियों के यात्रा समय में कमी जैसे अनेक महत्वपूर्ण सामाजिक लाभ होंगे। इसके अलावा, इसकी मदद से दुर्घटनाओं, और सड़क रखरखाव लागत में कमी आने से समाज को सामान्य रूप से अन्य लाभ भी होंगे। सबसे बड़ा बात ये है कि इससे प्रदूषण कम होगा। पिछले कई वर्षों से दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन कर उभरा है।