विवादों के बीच जल्द-ही शुरू होगी नेपाल और भारत रेल सेवा
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विवादों के बीच जल्द-ही शुरू होगी नेपाल और भारत रेल सेवा

नई दिल्ली : इन दिनों देश में हर तरफ विवाद का माहौल बना हुआ है. आये दिन बॉर्डर पर से घुसपैठ की खबरें आ रहीं हैं. इसी बीच भारत और नेपाल की सीमा की विवादों की खबरें आ रही है. लेकिन फिर भी दोनों देशों के आपसी संबंध पहले की तरह ही मजबूत है. दोनों देशों की सीमाओं से जोड़ने के लिए चीन और भारत दोनों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए. जल्द-ही दोनों देशों के बीच रेल सेवा शुरू होने वाली है. इससे दोनों देशों के लोगों को फायदा होगा. भारतीय रेलवे ने जानकारी दी है कि इस साल दिसम्बर तक ये सेवाएं शुरू हो जाएगी.

रेलवे बोर्ड ने ट्वीट कर दी जानकारी

भारतीय रेलवे ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि “कोंकण रेलवे ने जयनगर-कुर्था लाइन के लिए नेपाल रेलवे को दो आधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (DMUC) ट्रेनें सौंप दी हैं. इन ट्रेनों का निर्माण इंटेग्रेटेड कोच फैक्ट्री चेन्नई द्वारा आधुनिक सुविधाओं और नवीनतम तकनीक के जरिए किया गया है. भारत ने नेपाल को दो आधुनिक ट्रेनें सौंपी हैं. ये दोनों ट्रेनें जनकपुर शहर के कुर्था से भारत के सीमा से सटे जयनगर के लिए शुरू होंगी.”

35 किमी के इलाके को करेगा कवर

बता दें कि हिमालयी राष्ट्र में यह पहली बड़ी लाइन की रेल सेवा होगी जो जल्द-ही शुरू होने जा रही है. चेन्नई द्वारा आधुनिक सुविधाओं और नवीनतम एसी-एसी प्रणोदन तकनीक द्वारा इन ट्रेनों के लिए डिब्बा तैयार किया गया है. यह पुरे 35 किमी के इलाके को कवर करेगा.  प्रत्येक ट्रेन 110 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से एक बार में लगभग 1,300 यात्रियों के सफर की सुविधा प्रदान करती है.

नेपाल रेलवे के महानिदेशक गुरु भट्टाराई ने बताया कि “बड़ी लाइन की पटरियों पर नई ट्रेनों का ट्रायल परिचालन शुक्रवार से शुरू हुआ है, जिसका निर्माण पिछले साल ही पूरा हो गया था.”

राम-जानकी विवाह महोत्सव के आसपास ट्रेनों के नियमित संचालन शुरू होने की उम्मीद है

इस मामले में वरिष्ठ संभागीय अभियंता देवेंद्र शाह ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के वजह से सीमा के जल्द खुलने की संभावना नहीं है, इसलिए ट्रेन सेवाएं तुरंत शुरू नहीं होंगी और ट्रेनों को रखरखाव और सुरक्षा के लिए जयनगर में नेपाल रेलवे स्टेशन पर खड़ा किया जाएगा।

वहीं नेपाल रेलवे कंपनी के अभियंता विनोद ओझा ने कहा “दिसंबर के मध्य तक राम-जानकी विवाह महोत्सव के आसपास ट्रेनों के नियमित संचालन शुरू होने की उम्मीद है.”