ओवैसी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा प्रहार, न करें भूमि पुजन नहीं तो......
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ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिया विवादित बयान, अयोध्या में किया भूमि पुजन तो होगा संविधान का उल्लंघन

  • पीएम मोदी के अयोध्या जाने पर भड़के सांसद असदुद्दीन ओवैसी,
  • बोले पीएम का भूमि पूजन करना होगा संवैधानिक शपथ का उल्लघंन

नई दिल्ली: राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र 5 अगस्त को अयोध्या में होंगे। एक तरफ जहां एक बड़े तबके में इस बात की खुशी है, लेकिन कुछ लोग पीएम मोदी की याचिका का विरोध भी कर रहे हैं। इसी में एक नाम हैदराबाद से एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का भी है जो इस बारे में पीएम मोदी के लिए विरोध के सुर छेड़ गए हैं।

संवैधानिक शपथ का उल्लंघन

दरअसल लोकसभा के हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या यात्रा पर निशाना साध लिया है और ओवैसी ने पीएम मोदी पर हमला भी बोल दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री अयोध्या जाएंगे तो ये उनकी संवैधानिक शपथ का उल्लघंन होगा। उन्होंने शपथ को धर्म निरपेक्षता का पर्याय बताया है। इस मामले असद्दुदीन ओवैसी ने ट्वीट किया है।

पीएम करेंगे मुख्य पूजन

आपको बता दें कि अयोध्या में सदियों से कोर्ट में चले मसले के हल होने के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की आधारशिला 5 अगस्त को रखी जाएंगी जिसमें मुख्य पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। इसी मसले पर असद्दुदीन ओवैसी को आपत्ति है। खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 5 अगस्त को सुबह 11:30 के करीब अयोध्या पहुंचेंगे जिसके बाद 12:15:15 पर शुभमुहूर्त में मुख्य पूजन शुरू होगा।

कोरोनावायरस ने बिगाड़ा खेल

दरअसल, कोरोनावायरस के कारण राम मंदिर निर्माण की भव्यता कम हो गई है। खबरों के मुताबिक इस कार्यक्रम में अब मुश्किल से दो सौ लोगों को ही बुलाया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण के लिए शुरू से आंदोलन करने वाले विशिष्ट लोगों को न्योता भी भेजा है। इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था और कोरोनावायरस को देखते हुए सारी जानकारियां पीएमओ को सौंप दी गईं हैं।

आलोचनाओं का दौर

आपको बता दें कि राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन को लेकर लगातार अड़चनें डालने की कोशिश की जा रही है जिसमें कुछ दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में कि याचिका दायर की गई थी और कोरोनावायरस का हवाला दिया दिया था।

इसके बावजूद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उस याचिका को रद्द कर दिया था। गौरतलब है कि इस वक्त कोरोनावायरस को देखते हुए राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन को लेकर मोदी सरकार की आलोचना भी की जा रही है।