चीन से लड़ने के लिए रिटायर्ड भारतीय जवानों ने जताई इच्छा, नहीं चाहिए कोई पैसा

चीन से लड़ने के लिए रिटायर्ड भारतीय जवानों ने जताई इच्छा, बिना सैलरी के सेना में होना चाहते हैं शामिल

भारत और चाइना के बीच चल रहे विवाद को देखते हुए, पाकिस्तान भी अपनी हरकतों से बाज नही आ रहा है। वहीं भारत के रिटायर्ड तीनो सेना के जवान ने एक ऐसी पहल की जिसको सुन कर हर भरतीय का इनकी देश भक्ति से सीना चौड़ा और गर्व महसूस करने लगेंगे।

सेना के अधिकारी, ब्रिगेडियर, और जनरल जो रिटायर्ड हो गए हैं वे ग्राउंड पर ड्यूटी करने के लिये तैयार है। वहीं एक सेना के रिटायर्ड अधिकारी ने इंदौर के सांसद शंकर लालवानी को राष्ट्रपति औऱ प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र लिखा।

रिटायर्ड सेना के जवान चीन को सिखाना चाहते हैं सबक

इसके अलावा पाँच विंग्स आर्मी, नेवी, एयरफोर्स, बॉर्डर सेक्यूरिटी फोर्स में अलग-अलग सेना में काम करते हैं, उन्होंने सहमति दी है और कहा है कि हम देश के लिये नि:स्वार्थ रूप से काम करना चाह रहे हैं। वहीं सांसद शंकर लालवानी से मिल कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ग्राउंड ड्यूटी करने के संदर्भ में सांसद लालवानी को एक पत्र सौंपा। सांसद ने रिटायर्ड सेना के अधिकारियों से कहा कि आप निश्चिंत रहे आप का ये पत्र माननीय प्रधानमंत्री और राष्ट्पति को पहुंचा दिया जएगा।

 क्या कहा इस सेना के रिटायर्ड अधिकारियों ने-

सेना के अधिकारियों ने कहा कि हमारी एक संस्था है, जिसमे कई से सुरक्षा बल के रिटायर्ड सेना इस संस्था के सदस्य हैं। देश संकट से गुजर रहा है, तो हम लोगो देश की मदद करना चाह रहे हैं, जिसमे इन लोगो के पास जज्बा और अनुभव है और देश का जो हालत है उसमे हम 61 रिटायर्ड अधिकारी अपनी सेवा देना चाह रहे हैं। जिसके लिये मंजूरी चाहिए। उन्होने कहा कि हम नि:श्वार्थ भाव से ये करना चाह रहे हैं। इसके लिए हमे कोई पैसा नही चाहिए।