अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर शिवसेना ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा पिछली सरकार ने लीपापोती की कोशिश

मुंबई: शिवसेना ने रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के मामले में भाजपा की आलोचना के जवाब में पलटवार किया है. भाजपा ने इसे काला दिन और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया था. शिवसेना ने मुखपत्र सामना में आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अर्नब गोस्वामी को अन्वय नाइक की आत्महत्या के मामले में बचाने के लिए लीपापोती की कोशिश की.

राज्य सरकारों ने गोस्वामी को बचाने का प्रयास किया

अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर शिवसेना ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा पिछली सरकार ने लीपापोती की कोशिश

अर्नब गोस्वामी को बुधवार मुंबई स्थित उनके घर से इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था. शिवसेना ने कहा, पिछली राज्य सरकारों ने गोस्वामी को इस मामले में बचाने का प्रयास किया. पार्टी ने याद दिलाया कि राज्य सरकार के खिलाफ लिखने के कारण गुजरात में एक पत्रकार को गिरफ्तार किया गया था. जबकि उत्तर प्रदेश में एक पत्रकार की हत्या हो गई थी.

पार्टी ने लिखा, ”कोई भी इन मामलों को आपातकाल की याद नहीं दिला सकता. वास्तव में महाराष्ट्र में भाजपा के नेताओं को अन्वय नाइक को न्याय की मांग करनी चाहिए. अपनी बीमार मां के साथ एक बेकसूर व्यक्ति खुदकुशी कर दुनिया छोड़ गया. मृत व्यक्ति की पत्नी न्याय की मांग कर रही है और पुलिस सिर्फ कानून का पालन कर रही है.” पार्टी ने कहा, इसमें लोकतंत्र पर हमले का सवाल कहां उठता है. जो लोग ऐसी बात कर रहे हैं. वे वास्तव में लोकतंत्र के पहले स्तंभ को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं. प्रधानमंत्री समेत सभी व्यक्ति कानून के सामने बराबर हैं.

कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को लगाई फटकार

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खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में अर्नब गोस्वामी को अलीबाग कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है. अर्नब गोस्वामी और दो अन्य आरोपी 18 नवंबर तक हिरासत में रहेंगे. कोर्ट ने गोस्वामी का वो आरोप खारिज कर दिया, जिसमें वो कह रहे थे कि पुलिस ने उनके साथ जोरजबरदस्ती की है. अर्नब को अदालत ने कोर्ट के अंदर फोन का उपयोग करने और कार्यवाही का लाइव प्रसारण करने पर फटकार लगाई.

पुलिस ने गोस्वामी की 14 दिन की हिरासत का अनुरोध किया था, लेकिन अदालत ने कहा कि हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं है. गोस्वामी को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद उनके वकील आबाद पोंडा और गौरव पारकर ने जमानत के लिए याचिका दाखिल की है. पोंडा ने बताया कि कोर्ट ने पुलिस से अपना जवाब दाखिल करने को कहा है और मामले में अगली सुनवाई गुरुवार को लिस्ट की गई है.

अर्नब गोस्वामी पर अधिकारी के साथ मारपीट करने के आरोप

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इंटीरियर डिजाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार अर्नब गोस्वामी के खिलाफ महिला पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट करने के आरोप में एक और FIR दर्ज की गई है. उन पर आरोप है कि बुधवार की सुबह जब उनके निवास पर पुलिस के पहुंचने पर उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट की. गोस्वामी के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 504 और 34 के तहत एनएम जोशी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है.

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